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अतिरिक्त फीस लौटाएं वरना मान्यता होगी निरस्त
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजा राममोहन राय एकेडमी प्रबंधन द्वारा छात्र छात्राओं से अतिरिक्त फीस वसूली मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अतिरिक्त फीस लौटाने के सख्त आदेश दिए हैं। आयोग ने जल्द ही स्कूल संबंधी साक्ष्य उपलब्ध न कराने और फीस न लौटाने पर मान्यता रद करने की चेतावनी दी है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी ने मंगलवार को राजा राममोहन राय एकेडमी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से फीस वृद्धि किए जाने व छात्र-छात्राओं से बढ़ा हुआ शुल्क वसूलने के मामले की सुनवायी की। सुनवाई के दौरान उप प्रधानाचार्य व लेखा अधिकारी सोसायटी पंजीयन दस्तावेज, बायलाज, तीन साल की बैलेंस सीट, वर्ष 2012 से अब तक सभी कक्षाओं का फीस चार्ट आदि पेश नहीं कर सके। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने तर्क दिया कि 10 फीसदी फीस वृद्धि नियमानुसार की गई, लेकिन आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। आयोग अध्यक्ष ने प्रथम दृष्टया फीस वृद्धि को नियम विरुद्ध पाया और वसूली गई फीस लौटाने का आदेश जारी कर दिया। इसके अलावा आयोग ने स्कूल परिसर में सीसीटीवी, शुद्ध पानी की व्यवस्था और प्रांगण में नियम विरुद्ध संचालित कैंटीन के बाबत भी आदेश जारी किए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि अगली सुनवायी पर स्कूल प्रबंधन संबंधित दस्तावेजों को लेकर उपस्थित नहीं हुए तो मान्यता निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सुनवाई के दौरान अभिभावकों की ओर से राम कुमार सिंघल एडवोकेट, मनमोहन जायसवाल, रत्नेश जैन, अवनीश चौधरी, एमडी मौर्य, गीता गुरुंग, ममता गुरंग, मनोज थापा, मनजीत रोहन, विजय पाल सिंह, महेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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राजा राममोहन राय एकेडमी प्रबंधन द्वारा छात्र छात्राओं से अतिरिक्त फीस वसूली मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अतिरिक्त फीस लौटाने के सख्त आदेश दिए हैं। आयोग ने जल्द ही स्कूल संबंधी साक्ष्य उपलब्ध न कराने और फीस न लौटाने पर मान्यता रद करने की चेतावनी दी है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी ने मंगलवार को राजा राममोहन राय एकेडमी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से फीस वृद्धि किए जाने व छात्र-छात्राओं से बढ़ा हुआ शुल्क वसूलने के मामले की सुनवायी की। सुनवाई के दौरान उप प्रधानाचार्य व लेखा अधिकारी सोसायटी पंजीयन दस्तावेज, बायलाज, तीन साल की बैलेंस सीट, वर्ष 2012 से अब तक सभी कक्षाओं का फीस चार्ट आदि पेश नहीं कर सके। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने तर्क दिया कि 10 फीसदी फीस वृद्धि नियमानुसार की गई, लेकिन आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। आयोग अध्यक्ष ने प्रथम दृष्टया फीस वृद्धि को नियम विरुद्ध पाया और वसूली गई फीस लौटाने का आदेश जारी कर दिया। इसके अलावा आयोग ने स्कूल परिसर में सीसीटीवी, शुद्ध पानी की व्यवस्था और प्रांगण में नियम विरुद्ध संचालित कैंटीन के बाबत भी आदेश जारी किए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि अगली सुनवायी पर स्कूल प्रबंधन संबंधित दस्तावेजों को लेकर उपस्थित नहीं हुए तो मान्यता निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सुनवाई के दौरान अभिभावकों की ओर से राम कुमार सिंघल एडवोकेट, मनमोहन जायसवाल, रत्नेश जैन, अवनीश चौधरी, एमडी मौर्य, गीता गुरुंग, ममता गुरंग, मनोज थापा, मनजीत रोहन, विजय पाल सिंह, महेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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