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विवाह प्रमाणपत्र मांगे तो गायब हो गए 140 आवेदक
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विवाह प्रमाणपत्र मांगे तो गायब हो गए 140 आवेदक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। शादी अनुदान योजना में मात्र 30 आवेदकों ने विवाह प्रमाणपत्र जमा कराए हैं। जबकि इस अवधि में योजना का लाभ के लिए जिला समाज कल्याण विभाग में 170 आवेदन प्राप्त हुए थे। विभाग ने नए नियमों के तहत इन आवेदकों ने विवाह प्रमाणपत्र मांगे थे। इसके लिए विभाग दो बार पत्र भेज चुका है, लेकिन 140 आवेदकों का कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने इन आवेदनों को निरस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शादी अनुदान योजना में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की विधवा महिलाओं की पुत्री की शादी के लिए आर्थिक मदद की जाती है। इस योजना के तहत 50 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। पहले योजना का लाभ लेने के लिए शादी से पूर्व ही कार्ड के साथ आवेदन करना होता था और बजट जारी होने के बाद पात्रों को लाभान्वित किया जाता था, लेकिन पिछले कुुछ सालों से शिकायत मिल रहीं थी कि कई लोग शादियों के फर्जी कार्ड लगाकर इस योजना का लाभ ले रहे हैं। शिकायतों के चलते नई व्यवस्था के तहत पात्र परिवारों को पहले अपनी बेटी की शादी करनी होगी। शादी के बाद उसे मैरिज सर्टिफिकेट के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उसके बाद ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
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कोट :::
आवेदनकर्ताओं को दो बार पत्र भेजकर शादी का प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में प्रमाणपत्र जमा नहीं करने वाले आवेदनों को निरस्त कर दिया जाएगा।
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- जीत सिंह रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। शादी अनुदान योजना में मात्र 30 आवेदकों ने विवाह प्रमाणपत्र जमा कराए हैं। जबकि इस अवधि में योजना का लाभ के लिए जिला समाज कल्याण विभाग में 170 आवेदन प्राप्त हुए थे। विभाग ने नए नियमों के तहत इन आवेदकों ने विवाह प्रमाणपत्र मांगे थे। इसके लिए विभाग दो बार पत्र भेज चुका है, लेकिन 140 आवेदकों का कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने इन आवेदनों को निरस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शादी अनुदान योजना में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की विधवा महिलाओं की पुत्री की शादी के लिए आर्थिक मदद की जाती है। इस योजना के तहत 50 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। पहले योजना का लाभ लेने के लिए शादी से पूर्व ही कार्ड के साथ आवेदन करना होता था और बजट जारी होने के बाद पात्रों को लाभान्वित किया जाता था, लेकिन पिछले कुुछ सालों से शिकायत मिल रहीं थी कि कई लोग शादियों के फर्जी कार्ड लगाकर इस योजना का लाभ ले रहे हैं। शिकायतों के चलते नई व्यवस्था के तहत पात्र परिवारों को पहले अपनी बेटी की शादी करनी होगी। शादी के बाद उसे मैरिज सर्टिफिकेट के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उसके बाद ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
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कोट :::
आवेदनकर्ताओं को दो बार पत्र भेजकर शादी का प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में प्रमाणपत्र जमा नहीं करने वाले आवेदनों को निरस्त कर दिया जाएगा।
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- जीत सिंह रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी