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108 के कर्मियों के साथ उपवास बैठे हरीश रावत
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बुधवार को आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मचारियों के साथ धरनास्थप पर उपवास पर बैठे। उन्होंने करीब ढाई घंटे 108 के पूर्व कर्मचारियों के साथ बिताए। यह दूसरा मौका था जब पूर्व मुख्यमंत्री आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों की मांग को वाजिब बताते हुए वर्तमान सरकार को संवेदनहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ हूं और आने वाले सत्र में मामले को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि इतने लंबे समय से धूप बारिश के बीच आंदोलन के बावजूद सरकार के नुमाइंदों को कर्मचारियों पर तरस नहीं आ रहा है। रावत ने पूर्व कर्मचारियों की लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा कर्मचारियों के हक के लिए कांग्रेस पार्टी का हर सदस्य संघर्ष करेगा।
बता दें. नई कंपनी में समायोजन की मांग को लेकर आपाताकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के 717 पूर्व कर्मचारी 51 दिनों से धरने पर बैठे हैं। 43 दिन से कर्मचारी क्रमिक अनशन पर हैं। बुधवार को करीब 11:30 बजे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के बीच उपवास पर बैठ गए। पूर्व मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे तक उपवास पर बैठे रहे।
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क्या है कर्मचारियों की मांग
बीते अप्रैल में आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के 717 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। साथ ही मार्च और अप्रैल का वेतन भी रोक लिया गया था। कर्मचारी इसी दो माह के वेतन और 108 सेवा का संचालन करने वाली नई कंपनी ‘कैंप’ में समायोजित करने की मांग कर रहे हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बुधवार को आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मचारियों के साथ धरनास्थप पर उपवास पर बैठे। उन्होंने करीब ढाई घंटे 108 के पूर्व कर्मचारियों के साथ बिताए। यह दूसरा मौका था जब पूर्व मुख्यमंत्री आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों की मांग को वाजिब बताते हुए वर्तमान सरकार को संवेदनहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ हूं और आने वाले सत्र में मामले को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि इतने लंबे समय से धूप बारिश के बीच आंदोलन के बावजूद सरकार के नुमाइंदों को कर्मचारियों पर तरस नहीं आ रहा है। रावत ने पूर्व कर्मचारियों की लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा कर्मचारियों के हक के लिए कांग्रेस पार्टी का हर सदस्य संघर्ष करेगा।
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बता दें. नई कंपनी में समायोजन की मांग को लेकर आपाताकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के 717 पूर्व कर्मचारी 51 दिनों से धरने पर बैठे हैं। 43 दिन से कर्मचारी क्रमिक अनशन पर हैं। बुधवार को करीब 11:30 बजे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के बीच उपवास पर बैठ गए। पूर्व मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे तक उपवास पर बैठे रहे।
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क्या है कर्मचारियों की मांग
बीते अप्रैल में आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के 717 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। साथ ही मार्च और अप्रैल का वेतन भी रोक लिया गया था। कर्मचारी इसी दो माह के वेतन और 108 सेवा का संचालन करने वाली नई कंपनी ‘कैंप’ में समायोजित करने की मांग कर रहे हैं।