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जबरदस्त बारिश भी नहीं तोड़ पाई निगम अधिकारियों की नींद
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जबरदस्त बारिश भी नहीं तोड़ पाई निगम अधिकारियों की नींद
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। मानसून आने वाला है और नगर निगम प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं दिख रहा है। अभी तक नाले-नालियों की सफाई को लेकर कोई तैयारी नहीं की गई है। कहने को विशेष सफाई अभियान चलाकर सफाई करने का दावा किया गया, जिसकी पोल सोमवार को हुई बारिश ने खोल दी। कुछ ही घंटे की बारिश से शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। घरों में पानी घुस गया। इसके बावजूद निगम अधिकारी नहीं जागे।
सोमवार को हुई बारिश ने नगर निगम प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी। लोगों का कहना है कि जल्द ही निगम ने व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की तो मानसून में शहर में बिंदाल और रिस्पना नदी तबाही मचा सकती हैं। सोमवार को हुई बारिश के बाद भी रिस्पना और बिंदाल में काफी पानी आ गया था। सफाई नहीं होने के कारण इनका गंदा पानी आसपास के इलाकों में घरों में घुस गया। वहीं निगम अधिकारियों का दावा है कि मंगलवार को निगम के सफाई कर्मचारी नाले-नालियों की सफाई में लगे रहे।
नगर निगम में मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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निगम का दायरा बढ़ा, कर्मचारी नहीं
नगर निगम का दायरा 60 वार्डों से बढ़कर 100 वार्डों का हो गया है, लेकिन सफाई कर्मचारियों और नाला गैंग की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। कर्मचारियों की कमी के चलते नगर निगम क्षेत्र के नालों और नालियों की सफाई सही तरीके से नहीं हो पा रही है। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो पाई, जिसे जल्द किया जाएगा।
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बरसात से ये इलाके होते हैं प्रभावित
भगत सिंह कॉलोनी, ब्रह्मपुरी, गोविंदगढ़, संजय कॉलोनी, एमडीडीए कॉलोनी डालनवाला, गांधीग्राम, केदारपुरम, आजाद कॉलोनी, भंडारीबाग, मन्नूगंज, अनुराग नर्सरी, करनपुर, मद्रासी कॉलोनी, चंदर नगर, महाराजा अग्रसेन चौक, देव सुमन नगर, कारगी की शांति विहार कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, राजीव नगर आदि।
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सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारियों की स्थिति
कर्मचारी उपलब्ध जरूरत
स्थायी कर्मचारी 754 350
मोहल्ला स्वच्छता समिति 610 350
नाला गैंग स्वच्छक 120 250
दैनिक वेतन स्वच्छक 05 50
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन 284 600
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शहर के नाले-नालियों की अपनी क्षमताएं हैं, अधिक बारिश होने के कारण वह ओवरफ्लो होने लगी थीं। बरसात रुकने के कुछ ही देरी में सड़कें साफ हो गई थीं। अगर निगम नालों की सफाई न करवाता तो सड़कों पर पानी दिखाई देता। अब भी नाला-नालियों की सफाई जारी है।
- विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। मानसून आने वाला है और नगर निगम प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं दिख रहा है। अभी तक नाले-नालियों की सफाई को लेकर कोई तैयारी नहीं की गई है। कहने को विशेष सफाई अभियान चलाकर सफाई करने का दावा किया गया, जिसकी पोल सोमवार को हुई बारिश ने खोल दी। कुछ ही घंटे की बारिश से शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। घरों में पानी घुस गया। इसके बावजूद निगम अधिकारी नहीं जागे।
सोमवार को हुई बारिश ने नगर निगम प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी। लोगों का कहना है कि जल्द ही निगम ने व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की तो मानसून में शहर में बिंदाल और रिस्पना नदी तबाही मचा सकती हैं। सोमवार को हुई बारिश के बाद भी रिस्पना और बिंदाल में काफी पानी आ गया था। सफाई नहीं होने के कारण इनका गंदा पानी आसपास के इलाकों में घरों में घुस गया। वहीं निगम अधिकारियों का दावा है कि मंगलवार को निगम के सफाई कर्मचारी नाले-नालियों की सफाई में लगे रहे।
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नगर निगम में मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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निगम का दायरा बढ़ा, कर्मचारी नहीं
नगर निगम का दायरा 60 वार्डों से बढ़कर 100 वार्डों का हो गया है, लेकिन सफाई कर्मचारियों और नाला गैंग की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। कर्मचारियों की कमी के चलते नगर निगम क्षेत्र के नालों और नालियों की सफाई सही तरीके से नहीं हो पा रही है। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो पाई, जिसे जल्द किया जाएगा।
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बरसात से ये इलाके होते हैं प्रभावित
भगत सिंह कॉलोनी, ब्रह्मपुरी, गोविंदगढ़, संजय कॉलोनी, एमडीडीए कॉलोनी डालनवाला, गांधीग्राम, केदारपुरम, आजाद कॉलोनी, भंडारीबाग, मन्नूगंज, अनुराग नर्सरी, करनपुर, मद्रासी कॉलोनी, चंदर नगर, महाराजा अग्रसेन चौक, देव सुमन नगर, कारगी की शांति विहार कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, राजीव नगर आदि।
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सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारियों की स्थिति
कर्मचारी उपलब्ध जरूरत
स्थायी कर्मचारी 754 350
मोहल्ला स्वच्छता समिति 610 350
नाला गैंग स्वच्छक 120 250
दैनिक वेतन स्वच्छक 05 50
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन 284 600
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शहर के नाले-नालियों की अपनी क्षमताएं हैं, अधिक बारिश होने के कारण वह ओवरफ्लो होने लगी थीं। बरसात रुकने के कुछ ही देरी में सड़कें साफ हो गई थीं। अगर निगम नालों की सफाई न करवाता तो सड़कों पर पानी दिखाई देता। अब भी नाला-नालियों की सफाई जारी है।
- विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त