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मौसम ने ली करवट तो थमा वनाग्नि का दौर
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
मौसम के बदले मिजाज से एक तरफ गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। वहीं जंगलों में आग की घटनाएं थम गई हैं। वन आपद प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक 24 घंटे के भीतर राज्य के किसी भी कोने से जंगलों में आग लगने की सूचना नहीं आयी है। बहरहाल मौजूदा फायर सीजन में फिलहाल वनाग्नि का आंकड़ा 2106 तक पहुंच चुका है और वनाग्नि से 2921.38 हेक्टेयर जंगल को नुकसान हुआ है।
मुख्य वन संरक्षक पीके सिंह के मुताबिक मौजूदा फायर सीजन में आरक्षित वन क्षेत्राें में आग लगने की कुल 1602 घटनाएं व सिविल सोयम और वन पंचायतों में 504 घटनाएं हुई हैं। इनमें 80 घटनाएं राजाजी टाइगर रिजर्व व जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व आदि अभ्यारण्यों में हुई हैं। इनसे अब तक 2921.38 हेक्टेयर जंगलों को नुकसान पहुंचा है। वनाग्नि से अब तक 54 लाख 60 हजार 600 रुपये की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। राहत कार्यों के दौरान 15 वनकर्मी झुलसकर घायल हो चुके हैं। लीसा में लगी आग बुझाने में नेपाल निवासी एक मजदूर की आग से झुलसकर मौत हो गई थी। इसके अलावा वनाग्नि से छह जानवरों के मरने की भी घटनाएं हुई हैं। मुख्य वन संरक्षक पीेके सिंह के मुताबिक पिछले दो दिनों के भीतर राज्य के कुछ पर्वतीय इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के चलते वनाग्नि की घटनाओं में कमी आयी है। इससे वन आपदा प्रबंधन अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
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मौसम के बदले मिजाज से एक तरफ गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। वहीं जंगलों में आग की घटनाएं थम गई हैं। वन आपद प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक 24 घंटे के भीतर राज्य के किसी भी कोने से जंगलों में आग लगने की सूचना नहीं आयी है। बहरहाल मौजूदा फायर सीजन में फिलहाल वनाग्नि का आंकड़ा 2106 तक पहुंच चुका है और वनाग्नि से 2921.38 हेक्टेयर जंगल को नुकसान हुआ है।
मुख्य वन संरक्षक पीके सिंह के मुताबिक मौजूदा फायर सीजन में आरक्षित वन क्षेत्राें में आग लगने की कुल 1602 घटनाएं व सिविल सोयम और वन पंचायतों में 504 घटनाएं हुई हैं। इनमें 80 घटनाएं राजाजी टाइगर रिजर्व व जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व आदि अभ्यारण्यों में हुई हैं। इनसे अब तक 2921.38 हेक्टेयर जंगलों को नुकसान पहुंचा है। वनाग्नि से अब तक 54 लाख 60 हजार 600 रुपये की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। राहत कार्यों के दौरान 15 वनकर्मी झुलसकर घायल हो चुके हैं। लीसा में लगी आग बुझाने में नेपाल निवासी एक मजदूर की आग से झुलसकर मौत हो गई थी। इसके अलावा वनाग्नि से छह जानवरों के मरने की भी घटनाएं हुई हैं। मुख्य वन संरक्षक पीेके सिंह के मुताबिक पिछले दो दिनों के भीतर राज्य के कुछ पर्वतीय इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के चलते वनाग्नि की घटनाओं में कमी आयी है। इससे वन आपदा प्रबंधन अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
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