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राज्य में बनेंगे जीआईएस आधारित 10 पावर सब स्टेशन
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राज्य में बनेंगे जीआईएस आधारित 10 पावर सब स्टेशन
ब्यूरोे/अमर उजाला
देहरादून। बिजली की समस्याओं को दूर करने के लिए यूपीसीएल देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, कोटद्वार, रुद्रपुर व रानीखेत जैसे 10 शहरों में गैस इंसुलेटेड पावर सब स्टेशन बनाएगा। सब स्टेशनों के निर्माण पर 73.09 करोड़ की लागत आएगी, जिसे पावर फाइनेंस कारपोरेशन मुहैया कराएगा।
यूपीसीएल के मुख्य अभियंता मुख्यालय एके सिंह ने बताया कि जीआईएस तकनीक पर आधारित पावर सब स्टेशन देहरादून, रुड़की, हरिद्वार, कोटद्वार, मुनिकीरेती, हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज व अल्मोड़ा में बनाए जाएंगे। देहरादून, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, सितारगंज में 10 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जबकि कोटद्वार व मुनिकीरेती में आठ एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। अल्मोड़ा में पांच एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि जीआईएस तकनीक पर आधारित इन पावर सब स्टेशनों का निर्माण पूरा होने से बिजली आपूर्ति को और अधिक चुस्त दुरुस्त किया जा सकेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को आए दिन होने वाली बिजली कटौती का सामना नहीं करना होगा।
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ब्यूरोे/अमर उजाला
देहरादून। बिजली की समस्याओं को दूर करने के लिए यूपीसीएल देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, कोटद्वार, रुद्रपुर व रानीखेत जैसे 10 शहरों में गैस इंसुलेटेड पावर सब स्टेशन बनाएगा। सब स्टेशनों के निर्माण पर 73.09 करोड़ की लागत आएगी, जिसे पावर फाइनेंस कारपोरेशन मुहैया कराएगा।
यूपीसीएल के मुख्य अभियंता मुख्यालय एके सिंह ने बताया कि जीआईएस तकनीक पर आधारित पावर सब स्टेशन देहरादून, रुड़की, हरिद्वार, कोटद्वार, मुनिकीरेती, हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज व अल्मोड़ा में बनाए जाएंगे। देहरादून, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, सितारगंज में 10 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जबकि कोटद्वार व मुनिकीरेती में आठ एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। अल्मोड़ा में पांच एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि जीआईएस तकनीक पर आधारित इन पावर सब स्टेशनों का निर्माण पूरा होने से बिजली आपूर्ति को और अधिक चुस्त दुरुस्त किया जा सकेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को आए दिन होने वाली बिजली कटौती का सामना नहीं करना होगा।
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