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दून के रैनबसेरों में मुफ्त ठहर सकेंगे पर्यटक

Thu, 13 Jun 2019 01:48 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2019 01:48 AM IST
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दून के रैनबसेरों में मुफ्त ठहर सकेंगे पर्यटक
दून के रैनबसेरों में मुफ्त ठहर सकेंगे पर्यटक
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। तेजी से बढ़ी पर्यटकों की संख्या को देखते हुए नगर निगम ने उनके लिए रैनबसेरों को खोल दिया है। इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। मेयर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि गर्मी की छुट्टियों के चलते राजधानी में काफी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं, जिसे देखते हुए ये कदम उठाया गया है। अधिकारियों को रैनबसेरों में सुरक्षा और सफाई व्यवस्था चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मेयर गामा ने बुधवार को नगर निगम के अधिकारियों की बैठक बुलाई। जिसमें उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में पर्यटक दून आ रहे हैं। जिसके कारण होटल आदि फुल चल रहे हैं। पर्यटकों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए चुक्खू मोहल्ला, पटेलनगर और ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रैन बसेरे को उनके लिए नि:शुल्क खोल दिया जाए। जिससे पर्यटकों को राहत मिल सके। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि तत्काल ही इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इस मौके पर वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश जोशी, भूमि कर अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली आदि मौजूद रहे।
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रैनबसेरों की क्षमता
चुक्खु मोहल्ला रैन बसेरा - 100 व्यक्ति
पटेलनगर रैन बसेरा - 139 व्यक्ति
ट्रांसपोर्ट नगर रैन बसेरा - 50 व्यक्ति
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जल्द रैनबसेरा बनेंगी कंडम बसें
- मेयर गामा के निर्देश पर निगम की टीम ने चार कंडम बसों का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। परिवहन निगम की कंडम बसें जल्द फुटपाथ पर रहने वालों का रैनबसेरा बनेंगी। मेयर सुनील उनियाल गामा के निर्देश के बाद निगम की टीम ने हरिद्वार जाकर चार ऐसी बसों का निरीक्षण कर लिया है। जल्द ही वह इसकी रिपोर्ट मेयर को सौंपेंगे, जिसके बाद कंडम बसों को रैनबसेरे का रूप दिया जाएगा।
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पिछले वर्ष मेयर गामा ने नई पहल करते हुए परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने चार कंडम बसों को आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन, परेड ग्राउंड, रायपुर में अस्थाई रैनबसेरे के रूप में प्रयोग करने की बात कही थी। जिस पर प्रबंध निदेशक ने सहमति जताई थी। आचार संहिता लगने के कारण इस पर कार्यवाही रुकी हुई थी। जिसके हटने के बाद बीते दिनों नगर निगम की टीम ने हरिद्वार जाकर परिवहन निगम की चार कंडम बसों का निरीक्षण किया था। अब वह इसकी रिपोर्ट मेयर को देंगे, जिससे इस पर आगे की कार्रवाई शुरू की जा सके। मेयर गामा ने कहा कि लंबे समय से निगम क्षेत्र में अस्थाई रैन बसेरों की जरूरत महसूस की जा रही थी। ताकि बेसहारा फुटपाथ पर रात गुजारने को मजबूर न हों। बकौल गामा, उन्होंने रोडवेज वर्कशॉप में काफी बसें खराब खड़ी देखी थी। इन बसों का इस्तेमाल अस्थायी रैन बसेरे के रूप में किया जा सकता है।

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रैनबसेरों के बारे में लोगों को जानकारी नहीं
दून में देश के विभिन्न जगहों से हजारों लोग रोजाना आते-जाते हैं। नगर निगम क्षेत्र में केवल चार ही रैन बसेरे हैं। जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में हैं। रैन बसेरों के बारे में जानकारी न होने के चलते अधिकतर बेसहारा लोग फुटपाथ पर रात गुजारने को मजबूर हैं। उन्हें पता ही नहीं कि रैन बसेरे कहां हैं। रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, मसूरी बस अड्डे के साथ ही दून अस्पताल आदि के बाहर रैन बसेरों की जानकारी के बोर्ड लगाने के भी आदेश हुए थे लेकिन अभी तक रैन बसेरों के साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
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