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गुरुद्वारों में हुआ शबद कीर्तन
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गुरुद्वारों में हुआ शबद कीर्तन
- गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर बांटी छबील, संगतों को दिया भंडारा
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर। सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर पछवादून और चकराता के गुरुद्वारों में शबद कीर्तन हुए। इस दौरान सिख समुदाय के लोगों ने लंगर का आयोजन कर छबील बांटी। सुबह से ही गुरुद्वारा सिंह सभा अजीतनगर में गुरु घर के रागी ज्ञानी सोहन सिंह ने शबद कीर्तन गाई।
पांवटा साहिब से आए कथा वाचक ज्ञानी हरकीरत सिंह एवं ज्ञानी परमजीत सिंह ने अर्जन देव सिंह की जीवन गाथा सुनाई। छबील बांटने की परंपरा की शुरुआत का वर्णन करते हुए बताया गया कि गुरु अर्जन देव को मौत की सजा सुनाने वाले लाहौर के नवाब चंदू के परिजन गुरु जी से मिलने जेल में गए तो अपने साथ शीतल पेय लेकर गए थे। लेकिन, गुरु जी ने शपथ ली थी कि चंदू के घर का पानी भी ग्रहण नहीं करूंगा। नवाब के परिजनों द्वारा शीतल पेय ग्रहण करने का जोर देने पर गुरु जी ने कहा कि मैं यह शीतल पेय तो नहीं लूंगा लेकिन एक दिन इस शीतल पेय को हजारों लोग एक दूसरे को बांटेंगे। इस दौरान सरदार गुरजीत सिंह, हरपाल सिंह, प्रताप सिंह, भूपिंदर सिंह, दयाल सिंह, प्रीतपाल सिंह, रणजीत सिंह, नरेंद्र कौर आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर, चकराता के छावनी बाजार स्थित गुरुद्वारे में पिछले 15 दिनों से सुखमनी साहेब के पाठ चल रहे थे। शुक्रवार को अर्जन देव के शहीदी दिवस पर पाठ का भोग डालकर अरदास की गई। इसके बाद लंगर का आयोजन किया गया। दोपहर को पंजाबी समाज के लोगों ने छबील का प्रसाद बांटा। इस दौरान गुरुद्वारा के प्रधान अरविंद कुकरेजा, तीर्थ कुकरेजा, दलजीत नागपाल, आरपी सिंह, हरचरण सिंह, सत्यपाल चड्डा, ऋषभ, प्रीतम, जागृत आदि मौजूद रहे।
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गुरुद्वारों में हुआ शबद कीर्तन
- गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर बांटी छबील, संगतों को दिया भंडारा
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर। सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर पछवादून और चकराता के गुरुद्वारों में शबद कीर्तन हुए। इस दौरान सिख समुदाय के लोगों ने लंगर का आयोजन कर छबील बांटी। सुबह से ही गुरुद्वारा सिंह सभा अजीतनगर में गुरु घर के रागी ज्ञानी सोहन सिंह ने शबद कीर्तन गाई।
पांवटा साहिब से आए कथा वाचक ज्ञानी हरकीरत सिंह एवं ज्ञानी परमजीत सिंह ने अर्जन देव सिंह की जीवन गाथा सुनाई। छबील बांटने की परंपरा की शुरुआत का वर्णन करते हुए बताया गया कि गुरु अर्जन देव को मौत की सजा सुनाने वाले लाहौर के नवाब चंदू के परिजन गुरु जी से मिलने जेल में गए तो अपने साथ शीतल पेय लेकर गए थे। लेकिन, गुरु जी ने शपथ ली थी कि चंदू के घर का पानी भी ग्रहण नहीं करूंगा। नवाब के परिजनों द्वारा शीतल पेय ग्रहण करने का जोर देने पर गुरु जी ने कहा कि मैं यह शीतल पेय तो नहीं लूंगा लेकिन एक दिन इस शीतल पेय को हजारों लोग एक दूसरे को बांटेंगे। इस दौरान सरदार गुरजीत सिंह, हरपाल सिंह, प्रताप सिंह, भूपिंदर सिंह, दयाल सिंह, प्रीतपाल सिंह, रणजीत सिंह, नरेंद्र कौर आदि मौजूद रहे।
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दूसरी ओर, चकराता के छावनी बाजार स्थित गुरुद्वारे में पिछले 15 दिनों से सुखमनी साहेब के पाठ चल रहे थे। शुक्रवार को अर्जन देव के शहीदी दिवस पर पाठ का भोग डालकर अरदास की गई। इसके बाद लंगर का आयोजन किया गया। दोपहर को पंजाबी समाज के लोगों ने छबील का प्रसाद बांटा। इस दौरान गुरुद्वारा के प्रधान अरविंद कुकरेजा, तीर्थ कुकरेजा, दलजीत नागपाल, आरपी सिंह, हरचरण सिंह, सत्यपाल चड्डा, ऋषभ, प्रीतम, जागृत आदि मौजूद रहे।
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