फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   हिमालयीय क्षेत्रों में ढलानों से छेड़छाड़ से बढ़ा भूस्खलन का खतरा

हिमालयीय क्षेत्रों में ढलानों से छेड़छाड़ से बढ़ा भूस्खलन का खतरा

Sat, 08 Jun 2019 01:48 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2019 01:48 AM IST
विज्ञापन
हिमालयीय क्षेत्रों में ढलानों से छेड़छाड़ से बढ़ा भूस्खलन का खतरा
हिमालयीय क्षेत्रों में ढलानों से छेड़छाड़ से बढ़ा भूस्खलन का खतरा
विज्ञापन

ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। हिमालयीय क्षेत्रों में विकास कार्यों में पहाड़ों के ढलान के साथ छेड़छाड़ आने वाले समय में तबाही का बड़ा कारण बनेगी और समय रहते यदि इसे रोकने को लेकर कारगर कदम नहीं उठाए गए तो देश के साथ ही आमजन को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा है।

वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालय जियोलॉजी के पूर्व निदेशक व भूगर्भ विज्ञानी डॉ. वीसी ठाकुर का कहना है कि जिस तरीके से देश के हिमालयीय राज्यों में सड़कों के साथ ही अन्य विकास योजनाओं के लिए पहाड़ों के ढलानों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है यह उचित नहीं है। इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ढलानों के साथ छेड़छाड़ होने से वनस्पतियां कम हो रही हैं। परिणामस्वरूप हिमालयीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। जिसमें जनहानि होने के साथ ही संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। भूगर्भ विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाले भूगर्भ विज्ञानी डॉ. वीसी ठाकुर का कहना है कि इसी तरह के दुष्प्रभावों के सामने आने के बाद चीन जैसे देशों ने पर्वतीय इलाकों में सड़कों को बनाने के लिए ढलानों में तोड़फोड़ करने के बजाय पिलर पर सड़कों का निर्माण किया और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। डॉ. वीसी ठाकुर का कहना है कि यदि दुष्परिणामों का सामना नहीं करना है तो पर्वतीय इलाकों में चीन जैसी तकनीक का इस्तेमाल करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed