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इंदौर, चंडीगढ़ और चेन्नई से सीखेंगे स्वच्छता के गुर
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इंदौर, चंडीगढ़ और चेन्नई से सीखेंगे स्वच्छता के गुर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नगर निगम राजधानी दून को इंदौर, चेन्नई व चंडीगढ़ की तर्ज पर साफ सुथरा बनाने व स्वच्छता सर्वे में अव्वल आने की कवायद में जुट गया है। इसके लिए मेयर की अगुवाई में नगर निगम के अफसराें व कर्मचारियों की टीमें इन शहरों का दौरा करेंगी। मेयर सुनील उनियाल गामा का दावा है कि स्वच्छता सर्वे-2020 में देहरादून को प्रथम स्थान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरी विकास मंत्रालय की ओर से देश के 425 शहरों में कराए गए स्वच्छता सर्वे-2019 में दून शहर को 384वां स्थान मिला था। स्वच्छता सर्वे के दौरान शहर को 5000 अंकों में से महज 1343 अंक हासिल हो पाए थे। जबकि साल 2017 में शहर को 316वां, साल 2018 में 259वां स्थान मिला था। जबकि राज्य के अन्य शहरों रुड़की को 281वां, काशीपुर को 308वां, हल्द्वानी को 350वां, हरिद्वार को 376वां स्थान हासिल हुआ था। अब फिर से स्वच्छता सर्वे कराया जा रहा है तो दून को साफ सुथरा बनाने की कवायद शुरू की गई है।
मेयर गामा ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीमें इंदौर, चेन्नई व चंडीगढ़ भेजी जाएंगी। टीमें यह वहां अध्ययन करेंगी कि उन शहरों को साफ सुथरा बनाने को नगर निगमों ने क्या कदम उठाए गए। गामा ने बताया कि शहर में 150 से अधिक कूड़ेदानों को ढका जा रहा है।
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राजधानी की सड़कों, गलियों पर पसरी गंदगी
जहां एक तरफ दून को इंदौर, चेन्नई, व चंडीगढ़ की तर्ज पर साफ सुथरा बनाने की तैयारी है, अध्ययन के लिए नगर निगम अफसरों की टीम को इन शहरों में भेजा जा रहा है। वहीं शहर के तमाम इलाकों में पसरी गंदगी व कूड़ा करकट नगर निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। वर्तमान में जो हालात हैं यदि उनमें तेजी से सुधार नहीं किया गया है तो स्वच्छता सर्वे में एक बार दून फिसड्डी साबित होगा।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नगर निगम राजधानी दून को इंदौर, चेन्नई व चंडीगढ़ की तर्ज पर साफ सुथरा बनाने व स्वच्छता सर्वे में अव्वल आने की कवायद में जुट गया है। इसके लिए मेयर की अगुवाई में नगर निगम के अफसराें व कर्मचारियों की टीमें इन शहरों का दौरा करेंगी। मेयर सुनील उनियाल गामा का दावा है कि स्वच्छता सर्वे-2020 में देहरादून को प्रथम स्थान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरी विकास मंत्रालय की ओर से देश के 425 शहरों में कराए गए स्वच्छता सर्वे-2019 में दून शहर को 384वां स्थान मिला था। स्वच्छता सर्वे के दौरान शहर को 5000 अंकों में से महज 1343 अंक हासिल हो पाए थे। जबकि साल 2017 में शहर को 316वां, साल 2018 में 259वां स्थान मिला था। जबकि राज्य के अन्य शहरों रुड़की को 281वां, काशीपुर को 308वां, हल्द्वानी को 350वां, हरिद्वार को 376वां स्थान हासिल हुआ था। अब फिर से स्वच्छता सर्वे कराया जा रहा है तो दून को साफ सुथरा बनाने की कवायद शुरू की गई है।
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मेयर गामा ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीमें इंदौर, चेन्नई व चंडीगढ़ भेजी जाएंगी। टीमें यह वहां अध्ययन करेंगी कि उन शहरों को साफ सुथरा बनाने को नगर निगमों ने क्या कदम उठाए गए। गामा ने बताया कि शहर में 150 से अधिक कूड़ेदानों को ढका जा रहा है।
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राजधानी की सड़कों, गलियों पर पसरी गंदगी
जहां एक तरफ दून को इंदौर, चेन्नई, व चंडीगढ़ की तर्ज पर साफ सुथरा बनाने की तैयारी है, अध्ययन के लिए नगर निगम अफसरों की टीम को इन शहरों में भेजा जा रहा है। वहीं शहर के तमाम इलाकों में पसरी गंदगी व कूड़ा करकट नगर निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। वर्तमान में जो हालात हैं यदि उनमें तेजी से सुधार नहीं किया गया है तो स्वच्छता सर्वे में एक बार दून फिसड्डी साबित होगा।