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सफाई और कमाई पर रहेगा नगर निगम का फोकस

Tue, 04 Jun 2019 02:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2019 02:00 AM IST
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सफाई और कमाई पर रहेगा नगर निगम का फोकस
सफाई और कमाई पर रहेगा नगर निगम का फोकस
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नगर निगम में शामिल 40 नए वार्डों में जल्द डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू होगा। इसके अलावा 32 हजार एलईडी भी लगाई जाएंगी। कूड़े के निस्तारण के बाद अब डेयरी से निकलने वाले गोबर का भी निस्तारण किया जाएगा। निगम की खाली पड़ी जमीन का व्यावसायिक उपयोग कर राजस्व में इजाफा किया जाएगा। इस वर्ष 75 करोड़ रुपये भवन कर वसूलने का लक्ष्य सहित सभी 25 प्रस्तावों पर सोमवार को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में मुहर लग गई है।
नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक विकास कार्य, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट आदि समस्याओं पर केंद्रित रही। बैठक में 40 नए वार्डों में 600 परिवारों पर एक वाहन के हिसाब से कूड़ा उठाने की व्यवस्था पर मुहर लगी। निगम क्षेत्र में मौजूद डेयरियों से निकलने वाले गोबर का निस्तारण करने के लिए गोबर गैस प्लांट लगाने का फैसला लिया गया। जब तक प्लांट तैयार नहीं होता, तब तक संस्थाओं के जरिये गोबर का निस्तारण किया जाएगा। कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिश वेस्ट नियम-2016 के तहत भवन तोड़ने पर निकलने वाला मलबा हरभजवाला, करनपुर और मक्कावाला में डाला जाएगा। इसके लिए निगम तीन जेसीबी और कंटेनर भी खरीदेगा।
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बोर्ड बैठक में पास हुए प्रमुख प्रस्ताव
- नगर निगम क्षेत्र में संचालित पीजी और हास्टल का पंजीकरण कर उनसे व्यावसायिक भवन कर की वसूली।
- नगर निगम की जमीन का व्यावसायिक उपयोग कर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना। साथ ही निगम की आय में बढ़ोतरी करना।
- वित्तीय वर्ष में भवन कर वसूली का लक्ष्य 75 करोड़ रुपये करना।
- निगम क्षेत्र में गोबर गैस प्लांट बनाया जाना, जहां शहर की डेयरियों से निकलने वाले गोबर को भेजा जाएगा।
- नगर निगम क्षेत्र में संचालित केंद्रीय, मिशनरी और ट्रस्ट के स्कूलों से व्यावसायिक भवन कर वसूलना।
- निगम में शामिल किए गए 72 गांवों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन सहित सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना।
- पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत दीनदयाल पार्क के रखरखाव एवं पार्क में कैंटीन का संचालन।
- निगम में शामिल किए गए 72 गांवों में बाजार/हाट पर प्रति वर्ग फीट दर से शुल्क निर्धारित करना।
- नगर निगम क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाने के लिए 85 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- एशियन डेवलपमेंट बैंक को सॉलिड ट्रीटमेंट प्लांट के लिए एडीबी को जगह दी जाएगी।
- राजधानी की सीमा पर चारों ओर प्रवेश द्वार और हाईटेक शौचालय बनाए जाएंगे।
- निगम के शॉपिंग कांप्लेक्स के ऊपर प्रथम तल पर होटल बनाया जाएगा।
- सड़क, नाली, पुलिया आदि की मरम्मत के लिए प्रत्येक वार्ड में दो लाख रुपये तक की स्वीकृति।
- केदारपुरम में नारी निकेतन के समीप खाली पड़ी जमीन पर गो सदन के स्थान पर सामुदायिक केंद्र या अस्पताल बनाया जाएगा।
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दूसरी बोर्ड बैठक में हमारा फोकस सफाई व्यवस्था, एलईडी लाइटों के साथ ही ऐसे कार्यों पर रहा, जिनके जरिये निगम के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। पहली बोर्ड बैठक में स्वीकृत हुई योजनाओं पर आचार संहिता लगने के कारण कार्य नहीं शुरू हो पाया था। अब उनको भी धरातल पर उतारा जाएगा।
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- सुनील उनियाल गामा, मेयर
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बोर्ड बैठक में ये रहे शामिल
कैंट विधायक हरबंस कपूर, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, राजपुर विधायक खजानदास, नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय, अपर नगर आयुक्त नीरज जोशी, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश जोशी, उप नगर आयुक्त सोनिया पंत, सहायक नगर आयुक्त रविंद्र दयाल, नोडल अधिकारी अमृत योजना आशीष कठैत, भूमि कर अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली, भवन कर अधीक्षक विनय प्रताप, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विवेकानंद सती आदि।
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टिहरी सांसद, धर्मपुर व मसूरी विधायक नहीं पहुंचे
नगर निगम की बोर्ड बैठक में इस बार टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, मसूरी विधायक गणेश जोशी नहीं पहुंचे। जबकि कैंट, राजपुर और रायपुर विधायक बैठक में शामिल रहे। उन्होंने पार्षदों को अपने क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य कराने, जनता की समस्याओं का समाधान करने समेत कई सुझाव दिए।

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शासन को भेजा जाएगा पार्षदों को मानदेय का प्रस्ताव
देहरादून। बोर्ड बैठक के दौरान मेयर सुनील उनियाल गामा ने पार्षदों को प्रतिमाह 25 हजार रुपये मानदेय देने का प्रस्ताव जल्द शासन को भेजने की बात कही। जिस पर पार्षदों ने खुशी जताई। राजपुर विधायक खजानदास ने कहा कि वह विधानसभा में पार्षदों को मानदेय देने का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विधायकों को वेतन दिया जाता है, उसी तरह पार्षदों को भी मानदेय मिलना चाहिए। रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मानदेय के साथ ही उत्तर प्रदेश की तरह बोर्ड बैठक में आने वाले पार्षदों को हर बैठक के लिए कम के कम 1500 रुपये देने की बात कही।
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