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मर्यादा ही रिश्तों का आधार : शशि
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
भगवान श्रीराम ने हमें हर रिश्ते को मर्यादा से निभाने की प्ररेणा दी है। परिवार में हर रिश्ता मर्यादा से निभाने से मजबूती आती है। मर्यादा का उल्लंघन करने पर रिश्ता बिखर जाता है। वास्तव में मर्यादा ही रिश्तों का आधार है।
यह बातें श्री श्याम सुंदर मंदिर पटेलनगर के 36वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित राम कथा केतीसरे दिन कथा व्यास देवी शशि प्रभा ने प्रवचन में कहीं। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम पिता की आज्ञा पालन के लिए 14 वर्ष के लिए वनवास चले गए थे। मान मर्यादा और त्याग से ही परिवार टिकाऊ बन पाता है। भगवान अपने पास बुलाने के लिए मौका सभी को देते हैं। राम की शरण में आने वाले विभीषण जैसे भी भक्त हो जाते हैं। आयोजन में प्रधान अवतार मुनियाल, ओम प्रकाश सूरी, गोविंद मोहन, कपिल गोगिया, गौरव कोहली, यशपाल मग्गो, चंद्रमोहन आनंद, प्रेम भाटिया आदि मौजूद रहे।
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भगवान श्रीराम ने हमें हर रिश्ते को मर्यादा से निभाने की प्ररेणा दी है। परिवार में हर रिश्ता मर्यादा से निभाने से मजबूती आती है। मर्यादा का उल्लंघन करने पर रिश्ता बिखर जाता है। वास्तव में मर्यादा ही रिश्तों का आधार है।
यह बातें श्री श्याम सुंदर मंदिर पटेलनगर के 36वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित राम कथा केतीसरे दिन कथा व्यास देवी शशि प्रभा ने प्रवचन में कहीं। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम पिता की आज्ञा पालन के लिए 14 वर्ष के लिए वनवास चले गए थे। मान मर्यादा और त्याग से ही परिवार टिकाऊ बन पाता है। भगवान अपने पास बुलाने के लिए मौका सभी को देते हैं। राम की शरण में आने वाले विभीषण जैसे भी भक्त हो जाते हैं। आयोजन में प्रधान अवतार मुनियाल, ओम प्रकाश सूरी, गोविंद मोहन, कपिल गोगिया, गौरव कोहली, यशपाल मग्गो, चंद्रमोहन आनंद, प्रेम भाटिया आदि मौजूद रहे।
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