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झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले पिता पर कार्रवाई के आदेश
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झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले पिता पर कार्रवाई के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बेटी से छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले पिता के खिलाफ विशेष पोक्सो न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। ट्रायल के दौरान वादी (पिता) ने कहा कि उसने रंजिशन यह मुकदमा दर्ज कराया था। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि कैंट कोतवाली में एक व्यक्ति ने 22 मार्च 2017 को क्षेत्र के ही रहने वाले राजकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। राजकुमार पर आरोप था कि उसने उनकी बेटी को जबरन तंबाकू खिलाया था। इससे उसे उल्टियां आने लगीं और मौका पाते ही राजकुमार ने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। इस आधार पर कैंट कोतवाली ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ व पोक्सो की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मुकदमे में जब ट्रायल शुरू हुआ तो पहले पीड़िता अपने बयानों से मुकर गई। अब वादी पिता ने अपने बयानों में कहा कि वह राजकुमार से पुरानी रंजिश रखता था। ऐसे में उसने मौका पाकर उसके खिलाफ साजिश रची और झूठे मुकदमे में फंसा दिया।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में न्यायालय ने वादी के बयानों के आधार पर राजकुमार को बरी कर दिया। जबकि वादी के खिलाफ एसएसपी को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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बता दें कि इस माह इस तरह का यह दूसरा मुकदमा है, जब झूठी गवाही देने पर अदालत ने मुकदमे के आदेश दिए हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बेटी से छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले पिता के खिलाफ विशेष पोक्सो न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। ट्रायल के दौरान वादी (पिता) ने कहा कि उसने रंजिशन यह मुकदमा दर्ज कराया था। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि कैंट कोतवाली में एक व्यक्ति ने 22 मार्च 2017 को क्षेत्र के ही रहने वाले राजकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। राजकुमार पर आरोप था कि उसने उनकी बेटी को जबरन तंबाकू खिलाया था। इससे उसे उल्टियां आने लगीं और मौका पाते ही राजकुमार ने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। इस आधार पर कैंट कोतवाली ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ व पोक्सो की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मुकदमे में जब ट्रायल शुरू हुआ तो पहले पीड़िता अपने बयानों से मुकर गई। अब वादी पिता ने अपने बयानों में कहा कि वह राजकुमार से पुरानी रंजिश रखता था। ऐसे में उसने मौका पाकर उसके खिलाफ साजिश रची और झूठे मुकदमे में फंसा दिया।
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शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में न्यायालय ने वादी के बयानों के आधार पर राजकुमार को बरी कर दिया। जबकि वादी के खिलाफ एसएसपी को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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बता दें कि इस माह इस तरह का यह दूसरा मुकदमा है, जब झूठी गवाही देने पर अदालत ने मुकदमे के आदेश दिए हैं।