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आरटीई के तहत कक्षा छह में भी देना होगा प्रवेश
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
आरटीई के तहत कक्षा पांच उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को कक्षा छह में भी प्रवेश मिलेगा। नजदीक के जिन विद्यालयों में आरटीई कोटे के तहत कक्षा छह में सीटें बची होंगीं, उन्हें प्रवेश देना होगा। हालांकि छात्रों को स्कूल बदलने की सुविधा नहीं मिलेगी।
आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत कक्षा एक से आठवीं तक की शिक्षा मुफ्त देने का प्रावधान है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने ऐसे विद्यालयों में प्रवेश लिया है, जहां केवल पांचवीं तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में उनके सामने आगे की पढ़ाई का संकट पैदा हो रहा है। इसे देखते हुए महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को छात्र-छात्राओं की छठवीं से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने बताया कि आठवीं कक्षा तक के उन विद्यालयों में प्रवेश दिया जा सकता है, जहां कक्षा छह में आरटीई कोटे की सीटें रिक्त हों। पहली कक्षा में प्रवेश लेने के बाद जितने छात्रों ने पढ़ाई की, छठवीं कक्षा में भी उतनी ही सीटों का कोटा रहेगा। इसमें छात्र जितने कम होंगे, उतने नए छात्रों को प्रवेश दिलाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने नजदीक के सरकारी विद्यालयों में भी ऐसे बच्चों का प्रवेश कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी विद्यालय में आठवीं तक की कक्षाओं का संचालन हो रहा है, तो वहां के छात्रों को विद्यालय बदलने का मौका नहीं मिलेगा।
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आरटीई के तहत कक्षा पांच उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को कक्षा छह में भी प्रवेश मिलेगा। नजदीक के जिन विद्यालयों में आरटीई कोटे के तहत कक्षा छह में सीटें बची होंगीं, उन्हें प्रवेश देना होगा। हालांकि छात्रों को स्कूल बदलने की सुविधा नहीं मिलेगी।
आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत कक्षा एक से आठवीं तक की शिक्षा मुफ्त देने का प्रावधान है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने ऐसे विद्यालयों में प्रवेश लिया है, जहां केवल पांचवीं तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में उनके सामने आगे की पढ़ाई का संकट पैदा हो रहा है। इसे देखते हुए महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को छात्र-छात्राओं की छठवीं से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
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महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने बताया कि आठवीं कक्षा तक के उन विद्यालयों में प्रवेश दिया जा सकता है, जहां कक्षा छह में आरटीई कोटे की सीटें रिक्त हों। पहली कक्षा में प्रवेश लेने के बाद जितने छात्रों ने पढ़ाई की, छठवीं कक्षा में भी उतनी ही सीटों का कोटा रहेगा। इसमें छात्र जितने कम होंगे, उतने नए छात्रों को प्रवेश दिलाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने नजदीक के सरकारी विद्यालयों में भी ऐसे बच्चों का प्रवेश कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी विद्यालय में आठवीं तक की कक्षाओं का संचालन हो रहा है, तो वहां के छात्रों को विद्यालय बदलने का मौका नहीं मिलेगा।
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