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बच्चों को बचपन से ही सिखाएं अंग्रेजी : रविंद्र
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज सहसपुर में शनिवार को अंग्रेजी शिक्षण एवं स्पीकिंग स्किल पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रधानाचार्य रविंद्र सैनी ने बच्चों को बचपन से ही अंग्रेजी सिखाने पर जोर दिया।
उन्होंने शिक्षकों को सरलता से अंग्रेजी सिखाने के गुर बताए और काल्पनिक दृश्यों के माध्यम से छात्रों को अंग्रेजी में वार्तालाप करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंग्रेजी के शिक्षण में कई परेशानियां आतीं हैं। भाषा शिक्षण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी शिक्षक हैं। छात्र व शिक्षक के बीच सीखने की प्रक्रिया को लेकर समन्वय और छात्र तक ज्ञान का संप्रेषण भाषा शिक्षण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि छात्र जब कक्षा के बाहर अंग्रेजी सुनते हैं, तब उसका अर्थ समझने के लिए उन्हें स्वयं कोशिश करनी होती है। छात्रों का ध्यान स्थानीय क्षेत्र में प्रयुक्त की जाने वाली अंग्रेजी की ओर आकर्षित कर सही व सटीक अंग्रेजी सीखने में उनकी मदद की जा सकती है। इससे अंग्रेजी को सीखने की उनकी प्रेरणा में वृद्धि होगी। शिक्षक कक्षा में विज्ञापन में प्रयुक्त भाषा पर भी चर्चा कर सकते हैं।
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कार्यशाला में शिक्षकों को उच्चारण की शुद्धता और संकेतों का ध्यान रखने की सलाह दी गई। इस दौरान बीईओ पंकज शर्मा, महावीर चौधरी, सुनीता रावत, एसपी सिंह, सुरेंद्रनाथ भट्ट, इनायत अली, सुखराज बड़ौच, श्वेता परमार आदि मौजूद रहे।
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श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज सहसपुर में शनिवार को अंग्रेजी शिक्षण एवं स्पीकिंग स्किल पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रधानाचार्य रविंद्र सैनी ने बच्चों को बचपन से ही अंग्रेजी सिखाने पर जोर दिया।
उन्होंने शिक्षकों को सरलता से अंग्रेजी सिखाने के गुर बताए और काल्पनिक दृश्यों के माध्यम से छात्रों को अंग्रेजी में वार्तालाप करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंग्रेजी के शिक्षण में कई परेशानियां आतीं हैं। भाषा शिक्षण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी शिक्षक हैं। छात्र व शिक्षक के बीच सीखने की प्रक्रिया को लेकर समन्वय और छात्र तक ज्ञान का संप्रेषण भाषा शिक्षण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
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प्रधानाचार्य ने बताया कि छात्र जब कक्षा के बाहर अंग्रेजी सुनते हैं, तब उसका अर्थ समझने के लिए उन्हें स्वयं कोशिश करनी होती है। छात्रों का ध्यान स्थानीय क्षेत्र में प्रयुक्त की जाने वाली अंग्रेजी की ओर आकर्षित कर सही व सटीक अंग्रेजी सीखने में उनकी मदद की जा सकती है। इससे अंग्रेजी को सीखने की उनकी प्रेरणा में वृद्धि होगी। शिक्षक कक्षा में विज्ञापन में प्रयुक्त भाषा पर भी चर्चा कर सकते हैं।
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कार्यशाला में शिक्षकों को उच्चारण की शुद्धता और संकेतों का ध्यान रखने की सलाह दी गई। इस दौरान बीईओ पंकज शर्मा, महावीर चौधरी, सुनीता रावत, एसपी सिंह, सुरेंद्रनाथ भट्ट, इनायत अली, सुखराज बड़ौच, श्वेता परमार आदि मौजूद रहे।