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पालतू जानवर हो रहे हीट स्ट्रोक का शिकार
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
चढ़ते पारे के कारण पालतू जानवर हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। खासकर कुत्ते और दुधारू पशु इन दिनों अधिक बीमार पड़ रहे हैं। कुत्ते पार्वो वायरस की चपेट में आ रहे हैं, तो दुधारू पशु हीट स्ट्रोक के साथ ही नया भूसा खाने से बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
राजकीय पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश जोशी ने बताया कि पार्वो वायरस की चपेट में आने से कुत्तों में डायरिया और खून की उल्टी की समस्या हो जाती है। बताया कि फरवरी के बाद मौसम बदलने से पार्वो वायरस सक्रिय हो जाता है। जिन कुत्तों का टीकाकरण नहीं कराया गया, उनमें यह वायरस तेजी से फैलता है। वायरस इतना घातक है कि इससे कुत्तों की मौत तक हो जाती है। बताया कि इन दिनों ओपीडी में सबसे अधिक पार्वो वायरस ग्रसित कुत्ते आ रहे हैं।
साथ ही दुधारू पशु भी हीट स्ट्रोक और नया भूसा खाने से होने वाली बीमारी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए भूसे में धूल के कण मिले रहते हैं, जिसका सेवन करने से पशुओं को बदहजमी, दस्त की बीमारी लग जाती है। ऐसे में पशु चारा खाना छोड़ देते हैं। डॉ. सतीश जोशी ने बताया कि पार्वो वायरस के उपचार के लिए कुत्तों का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने समय पर पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दुधारु पशुओं को भूसा धोकर खिलाने से बीमारियों से बचाया जा सकता है।
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चढ़ते पारे के कारण पालतू जानवर हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। खासकर कुत्ते और दुधारू पशु इन दिनों अधिक बीमार पड़ रहे हैं। कुत्ते पार्वो वायरस की चपेट में आ रहे हैं, तो दुधारू पशु हीट स्ट्रोक के साथ ही नया भूसा खाने से बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
राजकीय पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश जोशी ने बताया कि पार्वो वायरस की चपेट में आने से कुत्तों में डायरिया और खून की उल्टी की समस्या हो जाती है। बताया कि फरवरी के बाद मौसम बदलने से पार्वो वायरस सक्रिय हो जाता है। जिन कुत्तों का टीकाकरण नहीं कराया गया, उनमें यह वायरस तेजी से फैलता है। वायरस इतना घातक है कि इससे कुत्तों की मौत तक हो जाती है। बताया कि इन दिनों ओपीडी में सबसे अधिक पार्वो वायरस ग्रसित कुत्ते आ रहे हैं।
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साथ ही दुधारू पशु भी हीट स्ट्रोक और नया भूसा खाने से होने वाली बीमारी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए भूसे में धूल के कण मिले रहते हैं, जिसका सेवन करने से पशुओं को बदहजमी, दस्त की बीमारी लग जाती है। ऐसे में पशु चारा खाना छोड़ देते हैं। डॉ. सतीश जोशी ने बताया कि पार्वो वायरस के उपचार के लिए कुत्तों का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने समय पर पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दुधारु पशुओं को भूसा धोकर खिलाने से बीमारियों से बचाया जा सकता है।
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