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जंगलों में अब वन्यजीव नहीं रहेंगे प्यासे
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
भीषण गर्मी में वन्य जीवों को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए वन विभाग ने जंगलों में तालाब बनाने शुरू कर दिए हैं। इनमें टैंकरों से पानी भरा रहा है। ताकि, जंगली जानवरों की पेयजल समस्या दूर हो सके और वह आवासीय बस्तियों की ओर रुख न करें।
अक्सर बरसात से पहले मई और जून के महीनों में जंगलों में पानी नहीं मिलने से जंगली जानवर पानी की तलाश में नदियों और आवासीय बस्तियों के नजदीक आने लगते हैं, इससे मानव और वन्य जीव संघर्ष का खतरा पैदा हो जाता है। इस संघर्ष में मानव और जानवर दोनों को ही नुकसान होता है। वन विभाग ने इस संघर्ष से बचने के लिए जंगल में ही जानवरों को पानी मुहैया कराने की कार्रवाई शुरू की है। इन दिनों कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज में वन कर्मी तालाब बनाकर उनमें टैंकरों से पानी भर रहे हैं। हाथी कोरिडोर होने के चलते यहां अक्सर हाथियों की आमद बनी रहती है। पानी की तलाश में कई बार हाथी आवासीय बस्तियों के नजदीक आ जाते हैं और फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। बस्ती में हाथियों की आमद से लोगों को भी खतरा बना रहता है। जबकि, कई बार पानी की तलाश मेें बस्ती की ओर आने वाले छोटे जंगली जानवर इंसानी हमलों का शिकार हो जाते हैं।
तिमली रेंज की वन क्षेत्राधिकारी पूजा रावल ने बताया कि क्षेत्र में सौ से अधिक तालाब बनाए जा चुके हैं। इनमें टैंकरों से पानी भरा जा रहा है। वनकर्मी गश्त के दौरान तालाबों का रखरखाव भी कर रहे हैं।
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भीषण गर्मी में वन्य जीवों को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए वन विभाग ने जंगलों में तालाब बनाने शुरू कर दिए हैं। इनमें टैंकरों से पानी भरा रहा है। ताकि, जंगली जानवरों की पेयजल समस्या दूर हो सके और वह आवासीय बस्तियों की ओर रुख न करें।
अक्सर बरसात से पहले मई और जून के महीनों में जंगलों में पानी नहीं मिलने से जंगली जानवर पानी की तलाश में नदियों और आवासीय बस्तियों के नजदीक आने लगते हैं, इससे मानव और वन्य जीव संघर्ष का खतरा पैदा हो जाता है। इस संघर्ष में मानव और जानवर दोनों को ही नुकसान होता है। वन विभाग ने इस संघर्ष से बचने के लिए जंगल में ही जानवरों को पानी मुहैया कराने की कार्रवाई शुरू की है। इन दिनों कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज में वन कर्मी तालाब बनाकर उनमें टैंकरों से पानी भर रहे हैं। हाथी कोरिडोर होने के चलते यहां अक्सर हाथियों की आमद बनी रहती है। पानी की तलाश में कई बार हाथी आवासीय बस्तियों के नजदीक आ जाते हैं और फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। बस्ती में हाथियों की आमद से लोगों को भी खतरा बना रहता है। जबकि, कई बार पानी की तलाश मेें बस्ती की ओर आने वाले छोटे जंगली जानवर इंसानी हमलों का शिकार हो जाते हैं।
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तिमली रेंज की वन क्षेत्राधिकारी पूजा रावल ने बताया कि क्षेत्र में सौ से अधिक तालाब बनाए जा चुके हैं। इनमें टैंकरों से पानी भरा जा रहा है। वनकर्मी गश्त के दौरान तालाबों का रखरखाव भी कर रहे हैं।
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