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मुश्किलों भरा सफर कर रहे ग्रामीण
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
साहिया। माखटी पोखरी-अच्छेड़ पुल-मरोड़ खेड़ा मोटर मार्ग जर्जर होने से लोगों को मुश्किलों भरा सफर करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दो साल पहले मार्ग पर डामरीकरण किया गया था, लेकिन छह माह में ही मार्ग का डामर उखड़ना शुरू हो गया। सुधारीकरण नहीं होने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
वर्ष 2014 में इस मार्ग का निर्माण 8 करोड़ की लागत से किया गया था। इसके चौड़ीकरण और डामरीकरण का जिम्मा लोक निर्माण विभाग कालसी को दिया गया। मार्ग पर डामरीकरण के दौरान ग्रामीणों ने कई बार घटिया गुणवत्ता की शिकायत लोनिवि के अधिकारियों से की, लेकिन उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। आलम यह है कि इस मार्ग पर सफर करना ग्रामीणों के लिए जान जोखिम में डालना साबित हो रहा है। स्थानीय निवासी संजीव चौहान, सुरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, अनिल सिंह, सूर्यपाल, नरेंद्र सिंह, दर्शन ने बताया कि मार्ग का किमी सात और किमी आठ का हिस्सा नासूर बन चुका है। हल्की बारिश में भी इस हिस्से पर मलबा आ जाता है। इससे ग्रामीणों की नगदी फसलें भी मंडी तक नहीं पहुंच पाती हैं। भूस्खलन क्षेत्र होने के कारण लोनिवि से इस हिस्से पर जेसीबी मशीन तैनात करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बरसात से पूर्व मार्ग के सुधारीकरण की मांग की है।
उधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता बीसी पंत ने बताया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद मार्ग सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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साहिया। माखटी पोखरी-अच्छेड़ पुल-मरोड़ खेड़ा मोटर मार्ग जर्जर होने से लोगों को मुश्किलों भरा सफर करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दो साल पहले मार्ग पर डामरीकरण किया गया था, लेकिन छह माह में ही मार्ग का डामर उखड़ना शुरू हो गया। सुधारीकरण नहीं होने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
वर्ष 2014 में इस मार्ग का निर्माण 8 करोड़ की लागत से किया गया था। इसके चौड़ीकरण और डामरीकरण का जिम्मा लोक निर्माण विभाग कालसी को दिया गया। मार्ग पर डामरीकरण के दौरान ग्रामीणों ने कई बार घटिया गुणवत्ता की शिकायत लोनिवि के अधिकारियों से की, लेकिन उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। आलम यह है कि इस मार्ग पर सफर करना ग्रामीणों के लिए जान जोखिम में डालना साबित हो रहा है। स्थानीय निवासी संजीव चौहान, सुरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, अनिल सिंह, सूर्यपाल, नरेंद्र सिंह, दर्शन ने बताया कि मार्ग का किमी सात और किमी आठ का हिस्सा नासूर बन चुका है। हल्की बारिश में भी इस हिस्से पर मलबा आ जाता है। इससे ग्रामीणों की नगदी फसलें भी मंडी तक नहीं पहुंच पाती हैं। भूस्खलन क्षेत्र होने के कारण लोनिवि से इस हिस्से पर जेसीबी मशीन तैनात करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बरसात से पूर्व मार्ग के सुधारीकरण की मांग की है।
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उधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता बीसी पंत ने बताया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद मार्ग सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।