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डीईओ ने जांची मूल्यांकन केंद्र की व्यवस्थाएं
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर में चल रहे बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन का निरीक्षण सोमवार को जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक यशवंत सिंह चौधरी ने किया। उन्होंने परीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मूल्यांकन केेंद्र की व्यवस्थाएं जांची।
उन्हों ने कहा कि परीक्षकों को ओएमआर पत्रक को भरते हुए सावधानी बरतनी जरूरी है। मूल्यांकन कक्षों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षकों को उत्तर पुस्तिका में लिखे गए उत्तर को गंभीरता से पढ़ने के बाद अंक देने की सलाह दी। कहा कि परीक्षक उत्तर पुस्तिका में लिखे गए हर शब्द को गंभीरता से समझने के बाद ही अंकों का निर्धारण करें। कहा कि बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन पर छात्र का भविष्य निर्भर रहता है। लिहाजा, मूल्यांकन के दौरान शिक्षक को शांत और प्रसन्नचित मन से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करनी चाहिए। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर का मिलान मूल्यांकन से पूर्व दिए गए आदर्श हल से जरूर किया जाना चाहिए।
उप नियंत्रक और पर्यवेक्षक को डीईओ ने परीक्षकों के लिए व्यवधान रहित उचित माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मूल्यांकन के दौरान और मूल्यांकन के बाद केंद्र में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध होना चाहिए, जिससे कि पारदर्शिता और गोपनीयता बनी रहे। इस दौरान खंड शिक्षाधिकारी वीपी सिंह, उप नियंत्रक महावीर चौहान, पर्यवेक्षक आरपी अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर में चल रहे बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन का निरीक्षण सोमवार को जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक यशवंत सिंह चौधरी ने किया। उन्होंने परीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मूल्यांकन केेंद्र की व्यवस्थाएं जांची।
उन्हों ने कहा कि परीक्षकों को ओएमआर पत्रक को भरते हुए सावधानी बरतनी जरूरी है। मूल्यांकन कक्षों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षकों को उत्तर पुस्तिका में लिखे गए उत्तर को गंभीरता से पढ़ने के बाद अंक देने की सलाह दी। कहा कि परीक्षक उत्तर पुस्तिका में लिखे गए हर शब्द को गंभीरता से समझने के बाद ही अंकों का निर्धारण करें। कहा कि बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन पर छात्र का भविष्य निर्भर रहता है। लिहाजा, मूल्यांकन के दौरान शिक्षक को शांत और प्रसन्नचित मन से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करनी चाहिए। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर का मिलान मूल्यांकन से पूर्व दिए गए आदर्श हल से जरूर किया जाना चाहिए।
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उप नियंत्रक और पर्यवेक्षक को डीईओ ने परीक्षकों के लिए व्यवधान रहित उचित माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मूल्यांकन के दौरान और मूल्यांकन के बाद केंद्र में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध होना चाहिए, जिससे कि पारदर्शिता और गोपनीयता बनी रहे। इस दौरान खंड शिक्षाधिकारी वीपी सिंह, उप नियंत्रक महावीर चौहान, पर्यवेक्षक आरपी अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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