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यात्रा सीजन सिर पर, तैयारी सिफर
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
कालसी। यात्रा सीजन को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सात मई से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। लाखों की संख्या में यात्री पछवादून से होकर गुजरेंगे, लेकिन स्थानीय प्रशासन व्यवस्थाओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह अतिक्रमण, गड्ढे और टूटी नालियों पर पड़ा मलबा यात्रा व्यवस्थाओं की तैयारी की पोल खोल रहा है।
पछवादून न सिर्फ चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है बल्कि जौनसार के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए भी पर्यटक इसी राजमार्ग से गुजरते हैं। चारधाम यात्रा शुरू होने में सिर्फ एक महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन मुख्य मार्ग के किनारे से न तो मलबा हटा न ही गड्ढों को भरा जा सका है। इससे चारधाम यात्रियों के साथ ही मसूरी, चकराता, लाखामंडल, नागथात आदि क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय अधिवक्ता क्षमा शर्मा, प्रताप नेगी, गोपाल वर्मा, नवीन कुमार आदि ने मांग की कि चारधाम यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मार्ग से अतिक्रमण हटाने के साथ ही क्षतिग्रस्त नालियों को ठीक किया जाए। वहीं, जिन स्थानों पर पेयजल समस्या है, उसे सीजन शुरू होने से पहले दूर किया जाए। ताकि, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को असुविधा न हो।
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राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जहां कहीं भी मलबा है, उसे जल्द हटाया जाएगा। क्षतिग्रस्त नालियों और हाईवे पर बने गड्ढों को ठीक किया जाएगा। विभाग अतिक्रमण हटाने के लिए भी अभियान चलाएगा। -जेएस रावत, अधिशासी अभियंता, लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, देहरादून
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ये हैं क्षेत्र के पर्यटन स्थल
जौनसार बावर में चकराता, नागथात, लोखंडी आदि कई पर्यटन स्थल हैं। इसके अलावा प्रमुख धार्मिक स्थल हनोल और लाखामंडल में वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। वहीं, विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक महत्व का कालसी गेट स्थित अशोक शिलालेख के लिए भी पर्यटकों को यमुनोत्री राजमार्ग से होकर गुजना पड़ता है।
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कालसी। यात्रा सीजन को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सात मई से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। लाखों की संख्या में यात्री पछवादून से होकर गुजरेंगे, लेकिन स्थानीय प्रशासन व्यवस्थाओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह अतिक्रमण, गड्ढे और टूटी नालियों पर पड़ा मलबा यात्रा व्यवस्थाओं की तैयारी की पोल खोल रहा है।
पछवादून न सिर्फ चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है बल्कि जौनसार के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए भी पर्यटक इसी राजमार्ग से गुजरते हैं। चारधाम यात्रा शुरू होने में सिर्फ एक महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन मुख्य मार्ग के किनारे से न तो मलबा हटा न ही गड्ढों को भरा जा सका है। इससे चारधाम यात्रियों के साथ ही मसूरी, चकराता, लाखामंडल, नागथात आदि क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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स्थानीय अधिवक्ता क्षमा शर्मा, प्रताप नेगी, गोपाल वर्मा, नवीन कुमार आदि ने मांग की कि चारधाम यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मार्ग से अतिक्रमण हटाने के साथ ही क्षतिग्रस्त नालियों को ठीक किया जाए। वहीं, जिन स्थानों पर पेयजल समस्या है, उसे सीजन शुरू होने से पहले दूर किया जाए। ताकि, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को असुविधा न हो।
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राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जहां कहीं भी मलबा है, उसे जल्द हटाया जाएगा। क्षतिग्रस्त नालियों और हाईवे पर बने गड्ढों को ठीक किया जाएगा। विभाग अतिक्रमण हटाने के लिए भी अभियान चलाएगा। -जेएस रावत, अधिशासी अभियंता, लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, देहरादून
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ये हैं क्षेत्र के पर्यटन स्थल
जौनसार बावर में चकराता, नागथात, लोखंडी आदि कई पर्यटन स्थल हैं। इसके अलावा प्रमुख धार्मिक स्थल हनोल और लाखामंडल में वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। वहीं, विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक महत्व का कालसी गेट स्थित अशोक शिलालेख के लिए भी पर्यटकों को यमुनोत्री राजमार्ग से होकर गुजना पड़ता है।