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कन्या पूजन कर मांगी खुशहाली
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
चैत्र नवारात्र की दुर्गाष्टमी पर जौनसार बावर परगने से लेकर पछवादून में श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर परिवार की खुशहाली की मन्नत मांगी। साथ ही मंदिरों में हवन अनुष्ठान किए गए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर उपवास समाप्त किया।
कालसी के काली माता मंदिर में दुर्गाष्टमी के साथ ही बैसाखी पर्व भी मनाया गया। मंदिर में बैसाखी पूजन कर फसलों के अच्छे उत्पादन की कामना की। विकासनगर सहित पछवादून के अन्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर कन्या पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया। डाकपत्थर रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया।
वहीं, अस्पताल रोड के काली माता मंदिर में श्रद्धालुुओं के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक तौर पर कन्या पूजन कर परिवार के साथ ही क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। पंडित रामप्रसाद जगूड़ी ने श्रद्धालुओं को कष्टों से दूर करने के लिए दुर्गा कवच का पाठ किया। उन्होंने कन्या पूजन के महत्व का वर्णन करते हुए बताया कि नवरात्र में सप्तमी तिथि से कन्या पूजन शुरू हो जाता है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को नौ देवियों का रूप मानकर स्वागत किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख समृद्धि देती हैं।
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उन्होंने कहा कि सिर्फ नौ दिन ही नहीं जीवन भर कन्याओं और महिलाओं का सम्मान करने से व्यक्ति की दरिद्रता दूर होती है। साथ ही विकासनगर के भोजावाला रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु भजन कीर्तन करते रहे। हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई, सुद्धोवाला, झाझरा आदि क्षेत्रों में भी घर-घर कन्या पूजन किया गया।
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चैत्र नवारात्र की दुर्गाष्टमी पर जौनसार बावर परगने से लेकर पछवादून में श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर परिवार की खुशहाली की मन्नत मांगी। साथ ही मंदिरों में हवन अनुष्ठान किए गए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर उपवास समाप्त किया।
कालसी के काली माता मंदिर में दुर्गाष्टमी के साथ ही बैसाखी पर्व भी मनाया गया। मंदिर में बैसाखी पूजन कर फसलों के अच्छे उत्पादन की कामना की। विकासनगर सहित पछवादून के अन्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर कन्या पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया। डाकपत्थर रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया।
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वहीं, अस्पताल रोड के काली माता मंदिर में श्रद्धालुुओं के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक तौर पर कन्या पूजन कर परिवार के साथ ही क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। पंडित रामप्रसाद जगूड़ी ने श्रद्धालुओं को कष्टों से दूर करने के लिए दुर्गा कवच का पाठ किया। उन्होंने कन्या पूजन के महत्व का वर्णन करते हुए बताया कि नवरात्र में सप्तमी तिथि से कन्या पूजन शुरू हो जाता है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को नौ देवियों का रूप मानकर स्वागत किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख समृद्धि देती हैं।
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उन्होंने कहा कि सिर्फ नौ दिन ही नहीं जीवन भर कन्याओं और महिलाओं का सम्मान करने से व्यक्ति की दरिद्रता दूर होती है। साथ ही विकासनगर के भोजावाला रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु भजन कीर्तन करते रहे। हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई, सुद्धोवाला, झाझरा आदि क्षेत्रों में भी घर-घर कन्या पूजन किया गया।