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लोगों को बताईं सरकारी स्कूलों की खूबियां
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डोभरी के नौनिहालों ने बुधवार को गांव में रैली निकालकर ग्रामीणों को सरकारी स्कूलों की खूबियां बताईं। रैली में नौनिहालों ने जन-जन की यही पुकार, शिक्षा बने सफलता का हथियार.., बच्चा, बूढ़ा और जवान, पढ़ा लिखा हो देश का किसान... आदि स्लोगनों से प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षिका अर्चना रानी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा के प्रति जागरुकता की कमी है। शिक्षा के क्षेत्र में बेटी और बेटे में भेदभाव किया जाता है। इसके चलते हुनर होने के बावजूद बेटियां शिक्षा में पिछड़ जातीं हैं। कहा कि सरकारी विद्यालयों में प्रत्येक नौनिहाल की प्रतिभा को निखारने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं। शिक्षकों को समय समय पर प्रशिक्षण देकर बाल मनोविज्ञान और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे तकनीकी सुधार की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से बेटे और बेटी दोनों को शिक्षा के समान अवसर मुहैया कराने की सलाह दी। रैली में राजवीर, यशवीर, सोनम, जोया, तमन्ना, अमृता, साहीन, तौफीक, अंशुल, सुहाना, आरिफ, सावेद आदि शामिल रहे।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय डोभरी के नौनिहालों ने बुधवार को गांव में रैली निकालकर ग्रामीणों को सरकारी स्कूलों की खूबियां बताईं। रैली में नौनिहालों ने जन-जन की यही पुकार, शिक्षा बने सफलता का हथियार.., बच्चा, बूढ़ा और जवान, पढ़ा लिखा हो देश का किसान... आदि स्लोगनों से प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षिका अर्चना रानी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा के प्रति जागरुकता की कमी है। शिक्षा के क्षेत्र में बेटी और बेटे में भेदभाव किया जाता है। इसके चलते हुनर होने के बावजूद बेटियां शिक्षा में पिछड़ जातीं हैं। कहा कि सरकारी विद्यालयों में प्रत्येक नौनिहाल की प्रतिभा को निखारने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं। शिक्षकों को समय समय पर प्रशिक्षण देकर बाल मनोविज्ञान और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे तकनीकी सुधार की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से बेटे और बेटी दोनों को शिक्षा के समान अवसर मुहैया कराने की सलाह दी। रैली में राजवीर, यशवीर, सोनम, जोया, तमन्ना, अमृता, साहीन, तौफीक, अंशुल, सुहाना, आरिफ, सावेद आदि शामिल रहे।
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