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सरकार के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा हो सर्वोपरि

Sun, 07 Apr 2019 01:51 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2019 01:51 AM IST
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सरकार के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा हो सर्वोपरि
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
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सरकार के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। राजनीतिक लाभ हानि के गुणा भाग के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, सेना को और अधिक सुविधाएं दी जानी चाहिए। शनिवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपनी राय रखी।
वक्ताओं ने कहा कि जाति, धर्म, संप्रदाय और क्षेत्रवाद की भावना से अलग हटकर देश का विकास करने वाली सरकार का गठन किया जाना जरूरी है। कहा कि राजनीति में वंशवाद को बढ़ावा देने के बजाय योग्य व्यक्तियों के चुनाव को तरजीह दी जानी चाहिए। फिर चाहे वह किसी स्थापित राजनैतिक परिवार से ताल्लुक रखता हो या सामान्य परिवार से। कहा कि उत्तराखंड में पलायन सबसे बड़ी समस्या है। प्रत्याशियों को गांवों से हो रहे पलायन को रोकने, पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने पर भी अपनी राय रखनी होगी। साथ ही क्षेत्र की यातायात, शिक्षा, स्वास्थ्य, ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने की सोच भी प्रत्याशी के पास होनी चाहिए। जनता को चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी से यह सब सवाल करने होंगे, जिससे पता चले कि प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कैसे कार्य कर सकता है।
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राजनीति में शुचिता की कमी आई है। आरोप-प्रत्यारोप के दौरान भाषा की मर्यादा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इससे देश के नेताओं की छवि धूमिल हो रही है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए राजनीति में शुचिता और नैतिकता बनी रहनी जरूरी है। - सुरेश रावत, उप मंडलाध्यक्ष रोटरी क्लब
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राष्ट्रीयता से पहले जाति, धर्म, क्षेत्र को तरजीह दी जा रही है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक है। राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। मतदाता को भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि जातिवाद, क्षेत्रवाद की राजनीति करने वाले राजनैतिक दलों को तरजीह नहीं दी जाए। - हेमचंद्र सकलानी, साहित्यकार
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लोकसभा चुनाव हारने वाले व्यक्ति को पिछले दरवाजे से मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। जिस व्यक्ति को जनता ने नकार दिया, वह जनता के विकास के लिए योजनाएं कैसे बना सकता है। राष्ट्रीय मसलों पर सही सोच रखने वाले व्यक्ति का चुनाव किया जाना जरूरी है। - अतुल शर्मा, संयोजक पछवादून विकास मंच
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पिछले कुछ समय से राजनीति में जनता को भ्रमित किया जा रहा है। जातिवाद का जहर घोलकर राजनीति को प्रभावित किया जा रहा है, जिसका असर देश के विकास पर पड़ रहा है। जाति और क्षेत्र की भावना से अलग सोच रखने वाले प्रत्याशी का चयन किया जाना जरूरी है। - मदनपाल बिरला, शिक्षक
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लोकतंत्र की जड़ को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रत्येक मतदाता को मतदान करना होगा। शत प्रतिशत मतदान से ही देश के विकास की सोच रखने वाली मजबूत सरकार का गठन संभव है। साथ ही राष्ट्रीय मसलों पर पूरे देश को एक राय रखनी होगी। - दिनेश जायसवाल, व्यापारी
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सरकार के गठन के बाद जनता के मसले गौण हो जाते हैं। राजनीति सिर्फ आरोप प्रत्यारोप तक ही सीमित रह गई है। राजनैतिक दल चुनाव जीतने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। राजनीति के केंद्र में देश और क्षेत्र के विकास के मसले होने चाहिए। - पुष्पेंद्र त्यागी, साहित्यकार
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एक वोट से सरकार बनती और गिरती है। लिहाजा प्रत्येक वयस्क नागरिक का वोट कीमती है। अपने वोट के प्रयोग से ही राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मसलों का निराकरण करने वाली सरकार का गठन हो सकता है। - ओपी राणा, पूर्व अध्यक्ष पछवादून गढ़वाल सभा

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मतदाता सूची से किसी मतदाता का नाम हटाने की साजिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, जिससे कि राजनैतिक दल और प्रत्याशी अपने फायदे के लिए सूची से किसी का नाम न हटा सकें। साथ ही मतदान करते हुए देश और प्रदेश के विकास की सोच रखना जरूरी है। सही व्यक्ति का चुनाव ही लोकतंत्र को मजबूती देगा। - सुरेंद्र पाल जाटव, समाजसेवी
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