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लोकगीतों की प्रस्तुति पर थिरके लोग
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
यमुना वैली संगम संगठन की ओर से आयोजित डाकपत्थर यमुना बसंत महोत्सव के रविवार को दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायक राजेंद्र बिष्ट, भीमदत्त शर्मा, मदन झाल्टा और अरविंद राणा के गीतों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से जहां खूब तालियां बटोरीं। वहीं लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
डाकपत्थर बैराज में आयोजित समारोह में उत्तराखंड और हिमाचल की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। लोक गायक राजेंद्र बिष्ट ने महासु वंदना जय दैवा बोठा महासुवा थईने के दैवाय... से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत की। इसके बाद भीमदत्त शर्मा ने देवा शेमोगी कै.., मदन झाल्टा ने लगी बला झूमे कुए बाटी झूरिये... गीत की प्रस्तुति दी। जौनसारी लोक गायक अरविंद राणा के ‘हारुल बांको जौनसार व पहाड़ों की रानी मसूरी, राजा चकराता’ की प्रस्तुति को भी खूब सराहा गया। बिनी जोशी, खजान दत्त शर्मा, मनोज, गंभीर भारती, सितारा वर्मा, राकेश दिलबर, श्याम लाल भारती, कुदंन कोरंगा दरबाग नौटियाल, सुरेंद्र राणा, कुम्पाल भारती व आरएस बिष्ट ने भी प्रस्तुति दी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष रणवीर शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड में खेलकूद और संस्कृति के क्षेत्र में कई प्रतिभाएं हैं। संस्कृति के संरक्षण के साथ ही युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा सके इस उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में रचनाकार नंदलाल भारती, श्याम सिंह चौहान, भजन वर्मा और गोपाल दीनदयाल को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रमेश तोमर, विशिष्ट अतिथि प्रताप सिंह, गजेंद्र सिंह नेगी, नीरज चौहान, भारत चौहान आदि शामिल रहे।
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यमुना वैली संगम संगठन की ओर से आयोजित डाकपत्थर यमुना बसंत महोत्सव के रविवार को दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायक राजेंद्र बिष्ट, भीमदत्त शर्मा, मदन झाल्टा और अरविंद राणा के गीतों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से जहां खूब तालियां बटोरीं। वहीं लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
डाकपत्थर बैराज में आयोजित समारोह में उत्तराखंड और हिमाचल की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। लोक गायक राजेंद्र बिष्ट ने महासु वंदना जय दैवा बोठा महासुवा थईने के दैवाय... से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत की। इसके बाद भीमदत्त शर्मा ने देवा शेमोगी कै.., मदन झाल्टा ने लगी बला झूमे कुए बाटी झूरिये... गीत की प्रस्तुति दी। जौनसारी लोक गायक अरविंद राणा के ‘हारुल बांको जौनसार व पहाड़ों की रानी मसूरी, राजा चकराता’ की प्रस्तुति को भी खूब सराहा गया। बिनी जोशी, खजान दत्त शर्मा, मनोज, गंभीर भारती, सितारा वर्मा, राकेश दिलबर, श्याम लाल भारती, कुदंन कोरंगा दरबाग नौटियाल, सुरेंद्र राणा, कुम्पाल भारती व आरएस बिष्ट ने भी प्रस्तुति दी।
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आयोजन समिति के अध्यक्ष रणवीर शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड में खेलकूद और संस्कृति के क्षेत्र में कई प्रतिभाएं हैं। संस्कृति के संरक्षण के साथ ही युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा सके इस उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में रचनाकार नंदलाल भारती, श्याम सिंह चौहान, भजन वर्मा और गोपाल दीनदयाल को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रमेश तोमर, विशिष्ट अतिथि प्रताप सिंह, गजेंद्र सिंह नेगी, नीरज चौहान, भारत चौहान आदि शामिल रहे।
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