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खतरे के साए में रह रहे कर्मचारियों के परिवार
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ब्यूूरो/अमर उजाला, विकासनगर
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उत्तराखंड जल विद्युत निगम की लापरवाही के चलते डाकपत्थर परियोजना क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के परिवार खतरे के साए में रह रहे हैं। यहां कर्मचारियों के परिवारों के लिए बना तीन मंजिला आवासीय भवन पिछले एक दशक से मरम्मत की बाट जोह रहा है।
मरम्मत नहीं होने से भवन गिरासू हालत में पहुंच चुका है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बावजूद इसके यूजेवीएनएल भवन की मरम्मत तो दूर इसे खाली भी नहीं करा रहा है। उल्लेखनीय है कि डाकपत्थर परियोजना क्षेत्र में सिंचाई विभाग, उत्तराखंड जल विद्युत निगम के खोदरी पावर हाउस, छिबरो पावर हाउस, लखवाड़ व्यासी परियोजना सहित कई अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी निवास करते हैं। कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा मुहैया कराने के लिए यहां 50 के दशक में कई भवनों का निर्माण किया गया था। लेकिन, अधिकांश भवन निर्माण काल से ही मरम्मत नहीं होने के चलते गिरासू हालत में पहुंच चुके हैं।
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डाकपत्थर मुख्य बाजार में चर्च के सामने बना तीन मंजिला भवन भी मरम्मत नहीं होने के चलते जर्जर हो चुका है। लेकिन, इस भवन में अभी भी दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों के परिवार निवास कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार भवन की मरम्मत कराने या उन्हें अन्य कॉलोनी में आवास मुहैया कराने की मांग जल विद्युत निगम प्रबंधन से की जा चुकी है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उधर, भवन के रखरखाव के लिए जिम्मेदार लखवाड़ व्यासी जल विद्युत परियोजना के अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने बताया कि तीन मंजिला भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। उसमें रह रहे कर्मचारियों के परिवारों को अन्यत्र आवासीय सुविधा मुहैया करा दी जाएगी।
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