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ओलावृष्टि से बागवानी को नुकसान
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ओलावृष्टि
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
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त्यूनी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि से बागवानी को नुकसान हुआ है। फ्लावरिंग से पहले हुई ओलावृष्टि से सेब के पेड़ों की टहनियां टूट गईं हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। जबकि, गेहूं और मटर की फसल को भी नुकसान हुआ है।
त्यूनी और आसपास के क्षेत्र बागी, कोटी बावर, मैंद्रथ, भगूर, दार्मीगाड, निनुस में रविवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली। तेज आंधी चलने के बाद हुई ओलावृष्टि से क्षेत्र में ठंड बढ़ने के साथ ही बागवानी और खेती को नुकसान हुआ है। त्यूनी और आसपास का क्षेत्र सेब, पोलम, आड़ू की बागवानी के लिए विख्यात है। मार्च माह के अंत तक सेब के पेड़ों पर फ्लावरिंग होती है। लेकिन, रविवार केे हुई ओलावृष्टि से अधिकांश टहनियां टूट गई हैं, जिससे बागवानों को फ्लावरिंग कम होने की आशंका सता रही है। काश्तकार बिट्टू चौहान, राजपाल चौहान, हरदयाल चौहान, दिनेश चौहान, कुंवर सिंह, आत्माराम जोशी, रमेश डोभाल, गुड्डू जोशी, यशपाल जोशी, नरेंद्र जोशी ने बताया कि ओलावृष्टि से सेब के साथ ही मटर और गेहूं फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है, जिससे इस बार उत्पादन कम होने का खतरा पैदा हो गया है।
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