{"_id":"5c59ef9bbdec2226154d1021","slug":"154939802713-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खूब पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी बेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खूब पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी बेटियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
किसी देश, समाज की प्रगति वहां की बेटियों की शिक्षा और उनकी स्थिति से आंकी जाती हैं। बेटियां बढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी तो समाज के साथ ही पूरा देश आगे बढ़ेगा। बेटियों को जिंदगी में कुछ करने, आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाने चाहिए। ये बातें राजकीय इंटर कॉलेज छरबा के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कहीं।
मंगलवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स महाअभियान के तहत जीआईसी छरबा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के प्रिंसिपल राम बाबू विमल ने किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि अमर उजाला अपराजिता एक सुदंर और अनूठी पहल है। इससे निश्चित रूप से बेटियां और पूरा समाज सशक्त बनेगा। उन्होंने कहा कि बेटियां आज आसमान छू रहीं हैं। खेल, बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में उन्होंने परचम लहराया है। गार्गी, अपाला का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि छात्राएं उनके बताए मार्ग पर चलें और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज और रूढ़िवादी सोच भी बेटियों की राह में मुश्किलें बनकर आड़े आ रही हैं, लेकिन बेटियां इन मुश्किलों से घबराएं नहीं। वे इन बेड़ियों को तोड़ने का संकल्प लें और आगे बढ़े।
शिक्षिका संगीता खत्री ने कहा कि सोच बदलोगे तो आप बदलोगे और आप बदलोगे तो युग बदलेगा। बेटियां, खेल, विज्ञान सहित हर क्षेत्र में आगे हैं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे जितेंद्र सिंह बुटोइया ने कहा कि देश और समाज की प्रगति बेटियों पर निर्भर करती है। शिक्षक लक्ष्मी कांत मिश्रा ने कहा कि बेटियां के प्रति समाज में बदलाव आया है और अब भी बहुत अधिक बदलाव की जरूरत है। कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों ने भी बेटियों का उत्साह बढ़ाया।
विज्ञापन
-----
ये बने कार्यक्रम का हिस्सा
मनमोहन सिंह चौहान, महेश कुमार ओझा, एसआर प्रजापति, विनोद कुमार पाठक, शांति राम शर्मा, विनीता रानी त्रिपाठी, अनूप कुमार अग्निहोत्री, कायराज, महीपाल सिंह, विरेंद्र कुमार रतूड़ी, धर्मेंद्र साहनी, प्रेम सिंह, मिथलेश, बेबी, शीला देवी, कृष्णा देवी, मुद्रिका, ऊषा, सोमती देवी, मीनाक्षी, मीना, गीता, शिव प्रसाद, जगदीश सिंह चौहान, रघुवीर सिंह राणा, योगेश कुमार शर्मा, प्रिंसिपल जेपी उनियाल, प्रभात रतूड़ी।
-----
सेना में करियर बनाना है तो एनडीए बेहतर विकल्प : राहुल
कार्यक्रम में बच्चों की करियर काउंसिलिंग भी की गई। डिफेंस करियर प्वाइंट देहरादून डायरेक्टर राहुल बिष्ट ने बताया कि छात्र यदि देश की सेवा करने का जज्बा रखतें हैं, तो वे आर्मी, नेवी एवं एयरफोर्स में अपना करियर बना सकते हैं। इसके लिए एनडीए बेहतर विकल्प है। सेना की इन तीनों विंग के लिए एनडीए का एग्जाम देना होता है। इसे यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन साल में दो बार कराती है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में बैठने के लिए कैंडिडेट का अविवाहित होना जरूरी है। करियर काउंसलर रजनीश नेगी ने भी छात्र-छात्राओं को सेना में उनके लिए संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटियों दोनों के लिए सेना मेें बहुत अधिक संभावनाएं हैं।
----
बेटियों को आगे बढ़ने के लिए उचित संसाधन मुहैया कराने से ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान सफल होगा। बेटियों में प्रतिभा होती है। लेकिन, अवसर नहीं दिए जाने से वे अपनी प्रतिभा का उपयोग नहीं कर पाती हैं। लिहाजा, बेटियों को भी बेटों के समान अवसर दिए जाने चाहिए। - प्रियता, छात्रा
------
शिक्षा के साथ ही बेटियों को अन्य गतिविधियों में प्रतिभाग करने की छूट दी जानी चाहिए, जिससे कि वे अपनी नैसर्गिक प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। इस दिशा में अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। इस पहल से समाज की मानसिकता में परिवर्तन आएगा। - मीनाक्षी, छात्रा
------
समाज में समान अवसर पाने के लिए बेटियों को शारीरिक और मानसिक तौर पर परिपक्व होना होगा। इसके लिए जरूरी है कि बेटियां शिक्षा के साथ ही खेल व अन्य गतिविधियों में भी भागीदारी निभाएं। अमर उजाला की पहल से समाज की मानसिकता में परिवर्तन होने की उम्मीद जगी है। - सलोनी, छात्रा
-----
प्राचीन काल से ही भारतीय समाज में महिलाओं का उच्च स्थान रहा है। महिलाएं कभी भी पुरुषों से पीछे नहीं रही हैं। वर्तमान दौर में पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं की दशा कुछ दयनीय हुई है। बावजूद इसके महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। - संगीता खत्री, शिक्षिका
विज्ञापन
किसी देश, समाज की प्रगति वहां की बेटियों की शिक्षा और उनकी स्थिति से आंकी जाती हैं। बेटियां बढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी तो समाज के साथ ही पूरा देश आगे बढ़ेगा। बेटियों को जिंदगी में कुछ करने, आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाने चाहिए। ये बातें राजकीय इंटर कॉलेज छरबा के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कहीं।
मंगलवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स महाअभियान के तहत जीआईसी छरबा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के प्रिंसिपल राम बाबू विमल ने किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि अमर उजाला अपराजिता एक सुदंर और अनूठी पहल है। इससे निश्चित रूप से बेटियां और पूरा समाज सशक्त बनेगा। उन्होंने कहा कि बेटियां आज आसमान छू रहीं हैं। खेल, बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में उन्होंने परचम लहराया है। गार्गी, अपाला का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि छात्राएं उनके बताए मार्ग पर चलें और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज और रूढ़िवादी सोच भी बेटियों की राह में मुश्किलें बनकर आड़े आ रही हैं, लेकिन बेटियां इन मुश्किलों से घबराएं नहीं। वे इन बेड़ियों को तोड़ने का संकल्प लें और आगे बढ़े।
विज्ञापन
शिक्षिका संगीता खत्री ने कहा कि सोच बदलोगे तो आप बदलोगे और आप बदलोगे तो युग बदलेगा। बेटियां, खेल, विज्ञान सहित हर क्षेत्र में आगे हैं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे जितेंद्र सिंह बुटोइया ने कहा कि देश और समाज की प्रगति बेटियों पर निर्भर करती है। शिक्षक लक्ष्मी कांत मिश्रा ने कहा कि बेटियां के प्रति समाज में बदलाव आया है और अब भी बहुत अधिक बदलाव की जरूरत है। कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों ने भी बेटियों का उत्साह बढ़ाया।
विज्ञापन
-----
ये बने कार्यक्रम का हिस्सा
मनमोहन सिंह चौहान, महेश कुमार ओझा, एसआर प्रजापति, विनोद कुमार पाठक, शांति राम शर्मा, विनीता रानी त्रिपाठी, अनूप कुमार अग्निहोत्री, कायराज, महीपाल सिंह, विरेंद्र कुमार रतूड़ी, धर्मेंद्र साहनी, प्रेम सिंह, मिथलेश, बेबी, शीला देवी, कृष्णा देवी, मुद्रिका, ऊषा, सोमती देवी, मीनाक्षी, मीना, गीता, शिव प्रसाद, जगदीश सिंह चौहान, रघुवीर सिंह राणा, योगेश कुमार शर्मा, प्रिंसिपल जेपी उनियाल, प्रभात रतूड़ी।
-----
सेना में करियर बनाना है तो एनडीए बेहतर विकल्प : राहुल
कार्यक्रम में बच्चों की करियर काउंसिलिंग भी की गई। डिफेंस करियर प्वाइंट देहरादून डायरेक्टर राहुल बिष्ट ने बताया कि छात्र यदि देश की सेवा करने का जज्बा रखतें हैं, तो वे आर्मी, नेवी एवं एयरफोर्स में अपना करियर बना सकते हैं। इसके लिए एनडीए बेहतर विकल्प है। सेना की इन तीनों विंग के लिए एनडीए का एग्जाम देना होता है। इसे यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन साल में दो बार कराती है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में बैठने के लिए कैंडिडेट का अविवाहित होना जरूरी है। करियर काउंसलर रजनीश नेगी ने भी छात्र-छात्राओं को सेना में उनके लिए संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटियों दोनों के लिए सेना मेें बहुत अधिक संभावनाएं हैं।
----
बेटियों को आगे बढ़ने के लिए उचित संसाधन मुहैया कराने से ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान सफल होगा। बेटियों में प्रतिभा होती है। लेकिन, अवसर नहीं दिए जाने से वे अपनी प्रतिभा का उपयोग नहीं कर पाती हैं। लिहाजा, बेटियों को भी बेटों के समान अवसर दिए जाने चाहिए। - प्रियता, छात्रा
------
शिक्षा के साथ ही बेटियों को अन्य गतिविधियों में प्रतिभाग करने की छूट दी जानी चाहिए, जिससे कि वे अपनी नैसर्गिक प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। इस दिशा में अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। इस पहल से समाज की मानसिकता में परिवर्तन आएगा। - मीनाक्षी, छात्रा
------
समाज में समान अवसर पाने के लिए बेटियों को शारीरिक और मानसिक तौर पर परिपक्व होना होगा। इसके लिए जरूरी है कि बेटियां शिक्षा के साथ ही खेल व अन्य गतिविधियों में भी भागीदारी निभाएं। अमर उजाला की पहल से समाज की मानसिकता में परिवर्तन होने की उम्मीद जगी है। - सलोनी, छात्रा
-----
प्राचीन काल से ही भारतीय समाज में महिलाओं का उच्च स्थान रहा है। महिलाएं कभी भी पुरुषों से पीछे नहीं रही हैं। वर्तमान दौर में पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं की दशा कुछ दयनीय हुई है। बावजूद इसके महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। - संगीता खत्री, शिक्षिका