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बालिका शिक्षा के प्रति किया जागरूक
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ब्यूरो/अमर उजाला, सेलाकुई
बाल विकास विभाग की ओर से सहसपुर ब्लॉक के बंशीवाला आंगनबाड़ी केंद्र पर सोमवार को संगोष्ठी को आयोजित की कई। कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही बताया कि बेटी को शिक्षित करने की जिम्मेदारी प्रत्येक अभिभावक की होती है।
विभाग के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शिरकत कर रहे ग्राम प्रधान झाझरा रूप सिंह थापा ने कहा कि बेटियां सृष्टि की निर्माता हैं। बेटियां विभिन्न अवसरों पर बेटी, मां, दादी, नानी आदि रूपों में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करतीं हैं और समाज को आगे बढ़ातीं हैं। कहा कि वर्तमान में बेटियां समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ चढ़कर भाग ले रहीं हैं। उनको समुचित शिक्षा दिलाना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है। बेटियों को बराबरी का दर्जा देने के लिए समाज की मानसिकता में परिवर्तन लाना जरूरी है। बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने कहा कि बेटियों को देवी का दर्जा देने वाले समाज में ही उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार समाज पर कलंक है। बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर अनीता पटवाल ने महिलाओं को गोद भराई योजना, अन्न प्रासन योजना की जानकारी दी। साथ ही नवजात कन्याओं को वैष्णवी किट वितरित की गई। इस दौरान राजबाला, रीता देवी, सुषमा, आशा, सीमा, मीनू, रमा, कृष्णा, मीना चंदेल, रिंकी आदि मौजूद रहीं।
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बाल विकास विभाग की ओर से सहसपुर ब्लॉक के बंशीवाला आंगनबाड़ी केंद्र पर सोमवार को संगोष्ठी को आयोजित की कई। कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही बताया कि बेटी को शिक्षित करने की जिम्मेदारी प्रत्येक अभिभावक की होती है।
विभाग के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शिरकत कर रहे ग्राम प्रधान झाझरा रूप सिंह थापा ने कहा कि बेटियां सृष्टि की निर्माता हैं। बेटियां विभिन्न अवसरों पर बेटी, मां, दादी, नानी आदि रूपों में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करतीं हैं और समाज को आगे बढ़ातीं हैं। कहा कि वर्तमान में बेटियां समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ चढ़कर भाग ले रहीं हैं। उनको समुचित शिक्षा दिलाना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है। बेटियों को बराबरी का दर्जा देने के लिए समाज की मानसिकता में परिवर्तन लाना जरूरी है। बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने कहा कि बेटियों को देवी का दर्जा देने वाले समाज में ही उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार समाज पर कलंक है। बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर अनीता पटवाल ने महिलाओं को गोद भराई योजना, अन्न प्रासन योजना की जानकारी दी। साथ ही नवजात कन्याओं को वैष्णवी किट वितरित की गई। इस दौरान राजबाला, रीता देवी, सुषमा, आशा, सीमा, मीनू, रमा, कृष्णा, मीना चंदेल, रिंकी आदि मौजूद रहीं।
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