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श्रमिकों ने अधिकारों के लिए भरी हुंकार
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
सीटू से संविदा श्रमिक संघ उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर रविवार को व्यासी परियोजना इकाई हथियारी के श्रमिकों ने सिलोन से जुड्डो तक रैली निकाल कर अपने अधिकारों के लिए हुंकार भरी। श्रमिकों ने कहा कि श्रम विभाग की मिलीभगत से मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर श्रम विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
रैली में शामिल सीपीआई के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र नेगी ने कहा कि परियोजना में कार्यरत मजदूरों को न तो पीएफ की सुविधा दी जा रही है और न ही ईएसआई के तहत उन्हें पंजीकृत किया गया है। साथ ही स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में ठेकेदारी प्रथा के चलते भी मजदूरों का शोषण हो रहा है। कहा कि मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए संयुक्त आंदोलन चलाया जाएगा। संविदा श्रमिक संघ के संरक्षक प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि स्थानीय मजदूरों को श्रम कानूनों के अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मजदूरों को उचित मानदेय सहित श्रम कानून के तहत आने वाली अन्य सभी सुविधाएं देने की मांग की। सहसपुर के पूर्व प्रधान सुंदर थापा ने कहा कि जल विद्युत परियोजना में कार्यरत श्रमिकों को हिमाचल प्रदेश की भांति चालीस प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता दिया जाना चाहिए। साथ ही सरकार से प्रत्येक श्रमिक का न्यूनतम मानदेय अठारह हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी की। रैली में सीपीआई के जिला सचिव राजेंद्र पुरोहित, संविदा श्रमिक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर, उपाध्यक्ष विजय चौहान, चैन सिंह तोमर, शेर सिंह छेत्री, दिनेश तोमर आदि शामिल रहे।
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सीटू से संविदा श्रमिक संघ उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर रविवार को व्यासी परियोजना इकाई हथियारी के श्रमिकों ने सिलोन से जुड्डो तक रैली निकाल कर अपने अधिकारों के लिए हुंकार भरी। श्रमिकों ने कहा कि श्रम विभाग की मिलीभगत से मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर श्रम विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
रैली में शामिल सीपीआई के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र नेगी ने कहा कि परियोजना में कार्यरत मजदूरों को न तो पीएफ की सुविधा दी जा रही है और न ही ईएसआई के तहत उन्हें पंजीकृत किया गया है। साथ ही स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में ठेकेदारी प्रथा के चलते भी मजदूरों का शोषण हो रहा है। कहा कि मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए संयुक्त आंदोलन चलाया जाएगा। संविदा श्रमिक संघ के संरक्षक प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि स्थानीय मजदूरों को श्रम कानूनों के अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मजदूरों को उचित मानदेय सहित श्रम कानून के तहत आने वाली अन्य सभी सुविधाएं देने की मांग की। सहसपुर के पूर्व प्रधान सुंदर थापा ने कहा कि जल विद्युत परियोजना में कार्यरत श्रमिकों को हिमाचल प्रदेश की भांति चालीस प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता दिया जाना चाहिए। साथ ही सरकार से प्रत्येक श्रमिक का न्यूनतम मानदेय अठारह हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी की। रैली में सीपीआई के जिला सचिव राजेंद्र पुरोहित, संविदा श्रमिक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर, उपाध्यक्ष विजय चौहान, चैन सिंह तोमर, शेर सिंह छेत्री, दिनेश तोमर आदि शामिल रहे।
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