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जौनसार बावर में हुआ माघ मरोज पर्व का आगाज
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ब्यूरो/अमर उजाला, कालसी/साहिया/चकराता
जौनसार बावर परगने में एक माह तक मनाए जाने वाले माघ मरोज पर्व की शुरुआत हनोल के कैलू मंदिर में चुरांच का बकरा कटने के साथ हुआ। शुक्रवार को बावर की ग्यारह खतों में किसराट मनाई जाएगी। जबकि, शनिवार से जौनसार की 28 खतों में माघ मरोज पर्व का आगाज होगा। क्षेत्र में एक माह तक पंचायती आंगन लोक संस्कृति से गुलजार रहेंगे।
जौनसार-बावर अपनी अनूठी संस्कृति के लिए विख्यात है। यहां स्थानीय स्तर पर कई त्योहार मनाए जाते हैं। इनमें से एक माह तक मनाया जाने वाला माघ मरोज पर्व प्रमुख है। पर्व की शुरुआत हनोल कैलू मंदिर में चुरांच का बकरा कटने से होती है। एक माह तक पंचायती आंगनों में हारुल, तांदी नृत्यों का दौर चलता है। बावर, देवघार, बाणाधार, मशक सहित चकराता से ऊपर के बावर क्षेत्र में शुक्रवार से पर्व की शुरुआत होगी। जबकि जौनसार में शनिवार को माघ का बकरा कटने के साथ एक माह के पर्व का आगाज होगा। बावर में शनिवार को सिराच मनाई जाएगी। जबकि जौनसार में पर्व के आगाज के बाद मसांद, पाऊणाई, बोईदाणा मनाया जाता है। मेहमाननवाजी के लिए विख्यात माघ मरोज पर्व की शुरुआत के आठ दिन बाद मेहमानों का आगमन शुरु होता है।
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त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह
जौनसार बावर के अणू, मुंधोल, सैंज, ठारठा, लोकंडी, लौहारी, कोटी, खरोड़ा, कुनैन, झबराड, अमराड़, डुंगरी, बांणाधार, चिल्हाड, निमगा, कथियान, निनूस, पुटाड, बागी, चातरा, हनोल, मेंद्रथ, शेडिया, जाड़ी आदि क्षेत्रों में त्योहार को लेकर लोगों में खूब उत्साह है।
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जौनसार बावर परगने में एक माह तक मनाए जाने वाले माघ मरोज पर्व की शुरुआत हनोल के कैलू मंदिर में चुरांच का बकरा कटने के साथ हुआ। शुक्रवार को बावर की ग्यारह खतों में किसराट मनाई जाएगी। जबकि, शनिवार से जौनसार की 28 खतों में माघ मरोज पर्व का आगाज होगा। क्षेत्र में एक माह तक पंचायती आंगन लोक संस्कृति से गुलजार रहेंगे।
जौनसार-बावर अपनी अनूठी संस्कृति के लिए विख्यात है। यहां स्थानीय स्तर पर कई त्योहार मनाए जाते हैं। इनमें से एक माह तक मनाया जाने वाला माघ मरोज पर्व प्रमुख है। पर्व की शुरुआत हनोल कैलू मंदिर में चुरांच का बकरा कटने से होती है। एक माह तक पंचायती आंगनों में हारुल, तांदी नृत्यों का दौर चलता है। बावर, देवघार, बाणाधार, मशक सहित चकराता से ऊपर के बावर क्षेत्र में शुक्रवार से पर्व की शुरुआत होगी। जबकि जौनसार में शनिवार को माघ का बकरा कटने के साथ एक माह के पर्व का आगाज होगा। बावर में शनिवार को सिराच मनाई जाएगी। जबकि जौनसार में पर्व के आगाज के बाद मसांद, पाऊणाई, बोईदाणा मनाया जाता है। मेहमाननवाजी के लिए विख्यात माघ मरोज पर्व की शुरुआत के आठ दिन बाद मेहमानों का आगमन शुरु होता है।
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त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह
जौनसार बावर के अणू, मुंधोल, सैंज, ठारठा, लोकंडी, लौहारी, कोटी, खरोड़ा, कुनैन, झबराड, अमराड़, डुंगरी, बांणाधार, चिल्हाड, निमगा, कथियान, निनूस, पुटाड, बागी, चातरा, हनोल, मेंद्रथ, शेडिया, जाड़ी आदि क्षेत्रों में त्योहार को लेकर लोगों में खूब उत्साह है।
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