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बच्चों में मृत्यु दर कम करने के लिए कार्यशालाएं जरूरी

Wed, 12 Dec 2018 01:59 AM IST
Updated Wed, 12 Dec 2018 01:59 AM IST
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बच्चों में मृत्यु दर कम करने के लिए कार्यशालाएं जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में नवजात शिशुओं के पुनर्जीवन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बाल रोग, नवजात शिशु विभाग की नर्सेस, परास्नातक व पीजी नर्सिंग स्टूडेंट्स ने भाग लिया। इस दौरान देश में नवजात शिशुओं की लगातार बढ़ती मृत्यु दर को कम करने के लिए कार्यशालाओं को जरूरी बताया गया। कार्यशाला का शुभारंभ एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने किया। उन्होंने देश में नवजात बच्चों की बढ़ती मृत्यु दर को कम करने के लिए इस तरह की कार्यशालाओं की आवश्यकता जोर दिया।
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उन्होंने बताया कि इससे लगभग 20 से 25 फीसदी तक नवजात शिशुओं की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने नर्सिंग और एमबीबीएस के छात्रों को फाइनल ईयर में इस प्रशिक्षण को दिया जाना जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण भावी पीढ़ी को बचाने में कारगर है। संस्थान के स्टाफ के प्रशिक्षण के बाद राज्य के अन्य चिकित्सकों के लिए भी वर्कशॉप आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रो. सुरेेखा किशोर, वसंता कल्याणी, डॉ. श्रीपर्णा बासू, प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह, प्रो. मनोज गुप्ता, डॉ. केएस रवि, डॉ. संजीव मित्तल, डॉ. बलराम ओमर, डॉ. अनुभा अग्रवाल, रूपेंद्र देयोल, मलहार कोडी, डॉ. पूनम सिंह आदि मौजूद थे।
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