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एनआईटी के छात्रों को उतराखंड से बाहर न करें शिफ्ट
Updated Tue, 11 Dec 2018 09:59 PM IST
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श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के स्थायी कैंपस के निर्माण और छात्रों को उत्तराखंड से बाहर शिफ्ट न करने सहित अन्य मांगों के संबंध में छात्र संगठन एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने कार्यवाहक निदेशक से मुलाकात की।
एसएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक से वार्ता करते हुए कहा कि एनआईटी जैसा महत्वपूर्ण संस्थान केंद्र व राज्य सरकार की राजनीति का शिकार बन गया है। छात्रों को जयपुर शिफ्ट किया जा रहा है। यह उचित नहीं है। उक्त छात्रों को स्थायी कैंपस के निर्माण होने तक उत्तराखंड में ही बेहतर सुविधाएं दी जा सकती हैं। छात्र-छात्राओं को जितनी हो सके, उतनी जल्दी संसाधनों से लैस कक्षाएं, लैब, पुस्तकालय, हॉस्टल और इंडस्ट्रियल एक्सपोजर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा कहा गया कि सुमाड़ी में स्थायी कैंपस के निर्माण के संबंध में स्थिति स्पष्ट की जाए। कार्यवाहक निदेशक प्रो. आरबी पटेल ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार भूमि उपलब्ध करा दे, तो स्थायी कैंपस का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। वार्ता में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, प्रदेश सचिव देवेंद्र रावल, योगेश, पवन नेगी, कमलेश व प्रियांश शामिल थे।
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एसएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक से वार्ता करते हुए कहा कि एनआईटी जैसा महत्वपूर्ण संस्थान केंद्र व राज्य सरकार की राजनीति का शिकार बन गया है। छात्रों को जयपुर शिफ्ट किया जा रहा है। यह उचित नहीं है। उक्त छात्रों को स्थायी कैंपस के निर्माण होने तक उत्तराखंड में ही बेहतर सुविधाएं दी जा सकती हैं। छात्र-छात्राओं को जितनी हो सके, उतनी जल्दी संसाधनों से लैस कक्षाएं, लैब, पुस्तकालय, हॉस्टल और इंडस्ट्रियल एक्सपोजर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा कहा गया कि सुमाड़ी में स्थायी कैंपस के निर्माण के संबंध में स्थिति स्पष्ट की जाए। कार्यवाहक निदेशक प्रो. आरबी पटेल ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार भूमि उपलब्ध करा दे, तो स्थायी कैंपस का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। वार्ता में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, प्रदेश सचिव देवेंद्र रावल, योगेश, पवन नेगी, कमलेश व प्रियांश शामिल थे।
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