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भारतीयों ने हमेशा एकता का संदेश दिया: स्वामी चिदानंद
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:59 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। भारत में भले ही सर्वत्र विविधता में एकता के दर्शन होते हैं, परंतु भारतीयों ने हमेशा एकता, भाईचारा, दयालुता व प्रेमपूर्ण एक साथ रहने का संदेश दिया। हम सभी चाहे किसी भी जाति, धर्म, भाषा और संप्रदाय को मानने वाले हों, परंतु हमारा नियंता एक है और हम सभी एक-दूसरे के भाई और बहनें हैं, आज यही संदेश हमारे युवाओं को देना है। यह बात स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कही।
शनिवार को परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के हिंदू, मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मिलकर आपसी सहयोग की मजबूती के लिए पारस्परिक संवाद बैठक का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुुुभारंभ स्वामी चिदानंद सरस्वती, आचार्य बालकृष्ण सहित कई धार्मिक गुरुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा जिस प्रकार एक धागा फूलों की अनेकता को एकता में बदल देता है उसी प्रकार इस तरह के आयोजन विविधता में एकता की इबारत लिखते हैं। अखिल भारतीय इमाम संगठन के अध्यक्ष डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि परमार्थ निकेतन और अखिल भारतीय इमाम संगठन ने एक मुहिम की शुरूआत की है, जिसमे गुरुकुल और मदरसा के बच्चे साथ में मिलकर जागृति जन आंदोलन करेंगे। इससे हमारी युवा पीढ़ी जो गुरुकुल और मदरसा में पढ़ कर पुजारी, मौलाना और मुफ्ती बनते हैं, उनको पहले से एकता, सद्भाव और समरसता की भावना से पोषित किया जाए। इस मौके पर हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, आरुषि निशंक, पतंजलि योगपीठ के कुलपति आचार्य बालकृष्ण, स्वामी कैलाशानंद, हरिचेतनानंद, साध्वी भगवती सरस्वती, मौलाना अब्दुल्ला, मौलाना कोकब मुस्तबा, हाजी सैयद सलमान चिस्ती आदि उपस्थित थे।
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शनिवार को परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के हिंदू, मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मिलकर आपसी सहयोग की मजबूती के लिए पारस्परिक संवाद बैठक का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुुुभारंभ स्वामी चिदानंद सरस्वती, आचार्य बालकृष्ण सहित कई धार्मिक गुरुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा जिस प्रकार एक धागा फूलों की अनेकता को एकता में बदल देता है उसी प्रकार इस तरह के आयोजन विविधता में एकता की इबारत लिखते हैं। अखिल भारतीय इमाम संगठन के अध्यक्ष डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि परमार्थ निकेतन और अखिल भारतीय इमाम संगठन ने एक मुहिम की शुरूआत की है, जिसमे गुरुकुल और मदरसा के बच्चे साथ में मिलकर जागृति जन आंदोलन करेंगे। इससे हमारी युवा पीढ़ी जो गुरुकुल और मदरसा में पढ़ कर पुजारी, मौलाना और मुफ्ती बनते हैं, उनको पहले से एकता, सद्भाव और समरसता की भावना से पोषित किया जाए। इस मौके पर हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, आरुषि निशंक, पतंजलि योगपीठ के कुलपति आचार्य बालकृष्ण, स्वामी कैलाशानंद, हरिचेतनानंद, साध्वी भगवती सरस्वती, मौलाना अब्दुल्ला, मौलाना कोकब मुस्तबा, हाजी सैयद सलमान चिस्ती आदि उपस्थित थे।
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