{"_id":"5c0bf535bdec2241a8749e3a","slug":"15442875816-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी के साथ बेटे की बेहतर परवरिश, सेना में बनाया अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी के साथ बेटे की बेहतर परवरिश, सेना में बनाया अफसर
Updated Sat, 08 Dec 2018 10:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गौचर। देश सेवा का जज्बा लेकर गौचर के देवेंद्र सिंह बिष्ट भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी गया बिहार में सेना की पास आउट परेड हुई। बतौर लेफ्टिनेंट अफसर (टेक्निकल) देवेंद्र सिंह को परेड में शामिल हो देख उनकी मां वंदना देवी की आंखें खुशी से छलक उठीं। 21 वर्षीय देवेंद्र सिंह बिष्ट ने भारतीय सेना में अफसर बनकर चमोली जिले का नाम रोशन किया है।
आईटीबीपी में सिपाही के पद पर तैनात रहे देवेंद्र के पिता माधो सिंह बिष्ट (मूल निवासी लंगसी , जोशीमठ) का निधन देवेंद्र के जन्म के एक साल बाद हो गया था। पति की जगह देवेंद्र की मां वंदना देवी ने आईटीबीपी में नौकरी के साथ ही बेटे की जिम्मेदारी भी उठाई। देवेंद्र ने केवि गौचर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई केवि (आईएमए) देहरादून से हुई। मां की बेहतरीन परवरिश और कुशल मार्गदर्शन मिला तो देवेंद्र सेना में अफसर बन गए। वंदना देवी इन दिनों आईटीबीपी की पटियाला स्थित यूनिट में हवलदार के पद पर तैनात हैं और शनिवार को वह सेना की पास आउट परेड में शामिल हुईं। फोन पर अमर उजाला से हुई बातचीत में देवेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय मां वंदना के प्यार और कुशल मार्गदर्शन को दिया। देवेंद्र की सफलता पर कलम सिंह रावत, प्रकाश रावत, नरेश , दीपक रावत आदि परिजनों और आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट नरेंद्र क्षेत्री ने खुशी जताई।
आईटीबीपी में सिपाही के पद पर तैनात रहे देवेंद्र के पिता माधो सिंह बिष्ट (मूल निवासी लंगसी , जोशीमठ) का निधन देवेंद्र के जन्म के एक साल बाद हो गया था। पति की जगह देवेंद्र की मां वंदना देवी ने आईटीबीपी में नौकरी के साथ ही बेटे की जिम्मेदारी भी उठाई। देवेंद्र ने केवि गौचर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई केवि (आईएमए) देहरादून से हुई। मां की बेहतरीन परवरिश और कुशल मार्गदर्शन मिला तो देवेंद्र सेना में अफसर बन गए। वंदना देवी इन दिनों आईटीबीपी की पटियाला स्थित यूनिट में हवलदार के पद पर तैनात हैं और शनिवार को वह सेना की पास आउट परेड में शामिल हुईं। फोन पर अमर उजाला से हुई बातचीत में देवेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय मां वंदना के प्यार और कुशल मार्गदर्शन को दिया। देवेंद्र की सफलता पर कलम सिंह रावत, प्रकाश रावत, नरेश , दीपक रावत आदि परिजनों और आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट नरेंद्र क्षेत्री ने खुशी जताई।
विज्ञापन