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जम्मू में अभ्यास के दौरान हुए धमाके में स्यूंण गांव का जवान शहीद
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:27 PM IST
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पीपलकोटी। जम्मू के पलावाला सेक्टर में अभ्यास सत्र के दौरान हुए एक धमाके में दस गढ़वाल राइफल के जवान सुरजीत सिंह (30) शहीद हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद से स्यूंण गांव में मातम पसरा हुआ है। शहीद की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। सोमवार को शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा।
स्यूंण गांव निवासी सुरजीत सिंह वर्ष 2008 में सेना में शामिल हुए थे। वह इन दिनों जम्मू की अखनूर तहसील के पलावाला सेक्टर में तैनात थे। शनिवार को हुए अभ्यास सत्र के दौरान एक धमाके में वह शहीद हो गए। उनके पिता प्रेम सिंह की मौत दो दशक पूर्व हो गई थी, जबकि एक वर्ष पूर्व शहीद की पत्नी की भी मौत हो गई थी। उनकी दो शादीशुदा बहनें भी हैं। घर में मां विशेश्वरी देवी और बड़ा भाई महावीर राणा रहते हैं। इस घटना की सूचना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां विशेश्वरी देवी बेटे की मौत की सूचना के बाद से बदहवास पड़ी हैं। महावीर गांव में ही मेहनत मजदूरी करता है। महावीर ने बताया कि घर की पूरी जिम्मेदारी सुरजीत के कंधे पर ही थी और वह कुछ समय पहले ही छुट्टी लेकर गांव आया था। अब वह हमें बेसहारा छोड़कर चला गया है। इधर, उपजिलाधिकारी परमानंद राम ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को हेलीकॉप्टर से जौलीग्रांट देहरादून लाया गया। देर रात तक वाहन से पार्थिव शरीर श्रीनगर पहुंचेगा और सोमवार को गांव पहुंचेगा। उसके बाद सैन्य सम्मान के साथ पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
स्यूंण गांव निवासी सुरजीत सिंह वर्ष 2008 में सेना में शामिल हुए थे। वह इन दिनों जम्मू की अखनूर तहसील के पलावाला सेक्टर में तैनात थे। शनिवार को हुए अभ्यास सत्र के दौरान एक धमाके में वह शहीद हो गए। उनके पिता प्रेम सिंह की मौत दो दशक पूर्व हो गई थी, जबकि एक वर्ष पूर्व शहीद की पत्नी की भी मौत हो गई थी। उनकी दो शादीशुदा बहनें भी हैं। घर में मां विशेश्वरी देवी और बड़ा भाई महावीर राणा रहते हैं। इस घटना की सूचना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां विशेश्वरी देवी बेटे की मौत की सूचना के बाद से बदहवास पड़ी हैं। महावीर गांव में ही मेहनत मजदूरी करता है। महावीर ने बताया कि घर की पूरी जिम्मेदारी सुरजीत के कंधे पर ही थी और वह कुछ समय पहले ही छुट्टी लेकर गांव आया था। अब वह हमें बेसहारा छोड़कर चला गया है। इधर, उपजिलाधिकारी परमानंद राम ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को हेलीकॉप्टर से जौलीग्रांट देहरादून लाया गया। देर रात तक वाहन से पार्थिव शरीर श्रीनगर पहुंचेगा और सोमवार को गांव पहुंचेगा। उसके बाद सैन्य सम्मान के साथ पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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