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चालदा महासू की पालकी के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
Updated Sun, 02 Dec 2018 02:08 AM IST
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- 32 साल बाद कोटी कनासर गांव पहुंची चालदा महासू की पालकी
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। हिमाचल प्रदेेश से 32 साल बाद चालदा महासू देवता की पालकी शुक्रवार देर रात कोटी कनासर गांव पहुंची। देव पालकी के गांव में पहुंचने पर दर्शकों का हुजूम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने चालदा महासू से मन्नतें मांगीं।
जौनसार-बावर परगने का कंडमाण खत शुक्रवार को लोगों के लिए यादगार बन गया। लंबे इंतजार के बाद चालदा महासू प्रवास पर कोटी कनासर पहुंचे। देवता के प्रवास पर आने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। कोटी कनासर के लोगों ने बताया कि चालदा महासू की पालकी हिमाचल के थरोच, पौड़िया, नेरुवा, बिखटाड़ और उत्तराखंड के अटाल, भंडियारा से होते हुए शुक्रवार देर रात गांव में पहुंची। पालकी के पहुंचने पर श्रद्धालुओं में पालकी को छूने और कंधा लगाने के लिए होड़ मची रही। पूजा अर्चना के बाद देवता को उनके स्थान पर विराजमान किया गया। इस अवसर पर पुुजारी विरेंद्र सेमवाल, भादु राम नौटियाल, संतराम, शांति राम, मदन नौटियाल, परस राम नौटियाल, आत्माराम, मदन चंद, जगमोहन, राजाराम शर्मा, स्याणा शमशेर सिंह, पूरण सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। देव पालकी के पहुंचने पर खत कंडमाण में भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे की व्यवस्था कंडमाण क्षेत्र के चारों खतों के लोगों ने की। इस मौके पर आयकर आयुक्त रतन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख राजपाल, जयपाल सिंह तोमर, प्रताप सिंह रावत, तहसीलदार केएस नेगी आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। हिमाचल प्रदेेश से 32 साल बाद चालदा महासू देवता की पालकी शुक्रवार देर रात कोटी कनासर गांव पहुंची। देव पालकी के गांव में पहुंचने पर दर्शकों का हुजूम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने चालदा महासू से मन्नतें मांगीं।
जौनसार-बावर परगने का कंडमाण खत शुक्रवार को लोगों के लिए यादगार बन गया। लंबे इंतजार के बाद चालदा महासू प्रवास पर कोटी कनासर पहुंचे। देवता के प्रवास पर आने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। कोटी कनासर के लोगों ने बताया कि चालदा महासू की पालकी हिमाचल के थरोच, पौड़िया, नेरुवा, बिखटाड़ और उत्तराखंड के अटाल, भंडियारा से होते हुए शुक्रवार देर रात गांव में पहुंची। पालकी के पहुंचने पर श्रद्धालुओं में पालकी को छूने और कंधा लगाने के लिए होड़ मची रही। पूजा अर्चना के बाद देवता को उनके स्थान पर विराजमान किया गया। इस अवसर पर पुुजारी विरेंद्र सेमवाल, भादु राम नौटियाल, संतराम, शांति राम, मदन नौटियाल, परस राम नौटियाल, आत्माराम, मदन चंद, जगमोहन, राजाराम शर्मा, स्याणा शमशेर सिंह, पूरण सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। देव पालकी के पहुंचने पर खत कंडमाण में भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे की व्यवस्था कंडमाण क्षेत्र के चारों खतों के लोगों ने की। इस मौके पर आयकर आयुक्त रतन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख राजपाल, जयपाल सिंह तोमर, प्रताप सिंह रावत, तहसीलदार केएस नेगी आदि मौजूद रहे।
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