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लक्कड़घाट में बनेगा 26 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:23 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
श्यामपुर। तीर्थनगरी क्षेत्र के लिए एक अच्छी खबर है। लक्कड़घाट में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 120 करोड़ की लागत से 26 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होगा।
वर्तमान में तीर्थनगरी ऋषिकेश क्षेत्र का सारा सीवर लक्कड़घाट स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है। अभी इसकी क्षमता मात्र छह एमएलडी है। ऐसे में लगभग 16 एमएलडी सीवर के ट्रीटमेंट का दबाव इस प्लांट पर रहता है। अब नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत लक्कड़घाट में 26 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि कुछ कार्य भी शुरू हो गया है। यह प्लांट आगामी 10 साल में होने वाली जनसंख्या वृद्धि के मद्देनजर तैयार किया जा रहा है। 120 करोड़ के बजट वाले इस प्रोजेक्ट के तहत ऋषिकेश से लक्कड़घाट तक करीब 15 किलोमीटर सीवर लाइन भी बिछाई जानी है। ये प्रोजेक्ट नवंबर 2019 तक तैयार होने की बात कही जा रही है।
रंभा नदी में नहीं गिरेगा गंदा पानी
अभी शिवाजी नगर, बापूग्राम का गंदा पानी रंभा में गिरने के बाद सीधे गंगा में जाता है। नया प्रोजेक्ट चालू होने के बाद इस क्षेत्र का गंदा पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लक्कड़घाट में फिल्टर होगा। रं
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ग्रामीण क्षेत्र क्षी सीवर लाइन से जोड़े जाएंगे
नमामि गंगे योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप ने बताया कि केएफडब्लू जर्मन के सहयोग से ऋषिकेश के समस्त ग्रामीण क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने को लेकर 400 करोड़ का स्टीमेट अलग से भेजा गया है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को प्लांट से जोड़ा जाएगा। यह प्रोजेक्ट 2020 तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके तहत 120 करोड़ का बजट स्वीकृत हो चुका है। इसके तहत 15 साल तक अनुरक्षण का कार्य ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी।
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26 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लॉंट लक्कड़घाट में तैयार होने से ऋषिकेश व उसके समीपवर्ती क्षेत्रों की बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो जायेगा। क्षेत्र का विकास हमारी पहली प्राथमिकता है। गंगा की अविरल धारा भी निर्मल होगी।
-प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष
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श्यामपुर। तीर्थनगरी क्षेत्र के लिए एक अच्छी खबर है। लक्कड़घाट में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 120 करोड़ की लागत से 26 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होगा।
वर्तमान में तीर्थनगरी ऋषिकेश क्षेत्र का सारा सीवर लक्कड़घाट स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है। अभी इसकी क्षमता मात्र छह एमएलडी है। ऐसे में लगभग 16 एमएलडी सीवर के ट्रीटमेंट का दबाव इस प्लांट पर रहता है। अब नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत लक्कड़घाट में 26 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि कुछ कार्य भी शुरू हो गया है। यह प्लांट आगामी 10 साल में होने वाली जनसंख्या वृद्धि के मद्देनजर तैयार किया जा रहा है। 120 करोड़ के बजट वाले इस प्रोजेक्ट के तहत ऋषिकेश से लक्कड़घाट तक करीब 15 किलोमीटर सीवर लाइन भी बिछाई जानी है। ये प्रोजेक्ट नवंबर 2019 तक तैयार होने की बात कही जा रही है।
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रंभा नदी में नहीं गिरेगा गंदा पानी
अभी शिवाजी नगर, बापूग्राम का गंदा पानी रंभा में गिरने के बाद सीधे गंगा में जाता है। नया प्रोजेक्ट चालू होने के बाद इस क्षेत्र का गंदा पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लक्कड़घाट में फिल्टर होगा। रं
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ग्रामीण क्षेत्र क्षी सीवर लाइन से जोड़े जाएंगे
नमामि गंगे योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप ने बताया कि केएफडब्लू जर्मन के सहयोग से ऋषिकेश के समस्त ग्रामीण क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने को लेकर 400 करोड़ का स्टीमेट अलग से भेजा गया है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को प्लांट से जोड़ा जाएगा। यह प्रोजेक्ट 2020 तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके तहत 120 करोड़ का बजट स्वीकृत हो चुका है। इसके तहत 15 साल तक अनुरक्षण का कार्य ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी।
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26 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लॉंट लक्कड़घाट में तैयार होने से ऋषिकेश व उसके समीपवर्ती क्षेत्रों की बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो जायेगा। क्षेत्र का विकास हमारी पहली प्राथमिकता है। गंगा की अविरल धारा भी निर्मल होगी।
-प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष