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सीएम ने करोड़ों की योजनाओं का लोकार्पण
Updated Sun, 25 Nov 2018 09:27 PM IST
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देवाल। घेस गांव में कुटकी जड़ी बूटी महोत्सव का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीयुत श्रीपदनायक व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने करीब डेढ़ करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण भी किया। साथ ही बेहतर कार्य के लिए किसान केशर सिंह बिष्ट, प्रकाश सिंह, खिल्पा देवी और घाट ब्लाक के सुदर्शन कठैत को सम्मानित किया।
महोत्सव में केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपदनायक ने कहा कि आज देश, विदेश में औषधीय पौधों की लगातार मांग बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में जड़ी बूटियों के उत्पादन और विपणन के लिए आयुष की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार की योजना सीमांत क्षेत्र के गांवों का नियोजित ढंग से विकसित कर उन्हें मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की है। सीएम ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना एवं सौभाग्य योजना के तहत घेस में विद्युतीकरण (4 लाख), जल निगम की सरमाता घेरू घन्ना पेयजल योजना (74.86 लाख), आयुर्वेदिक चिकित्सालय घेस (49.30), कृषि विपणन केंद्र घेस (20 लाख) तथा जड़ी बूटी ड्राइंग शेड (2.25 लाख) की विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में विधायक मुन्नी देवी शाह, ब्लाक प्रमुख देवाल उर्मिला बिष्ट, नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष दीपा भारती, प्रधान घेस नरेंद्र बिष्ट, अमेरिकी वैज्ञानिक प्रशांति दिजागर, वैज्ञानिक विजय कांत पुरोहित, डा. अनिल कुमार, अर्जुन सिंह बिष्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष जशोदा देवी व नंदी देवी, डीएम स्वाति एस भदौरिया, एसपी तृप्ति भट्ट, सीडीओ हंसादत्त पांडे आदि मौजूद थे।
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घेस और हिमनी में होती जड़ी बूटी की खेती
दूनागिरि फाउंडेशन संस्था के विवेक दीवान ने बताया कि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड ने औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों के लिए ‘ई-चरक’ वेबसाइट तैयार की है, जिसमें किसान अपने फसल के बारे में पूरी जानकारी अपलोड करेगा और इसी वेबसाइट के माध्यम से किसान को अपना खरीददार भी मिल जाएगा। उत्तरांचल यूथ एंड रूरल डेवलपमेंट सेंटर के डा. हरपाल नेगी ने बताया कि घेस में कुटकी के उत्पादन व विपणन के लिए कामगार स्वायत्त सहकारिता समिति बनाई गई है।
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महोत्सव में केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपदनायक ने कहा कि आज देश, विदेश में औषधीय पौधों की लगातार मांग बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में जड़ी बूटियों के उत्पादन और विपणन के लिए आयुष की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार की योजना सीमांत क्षेत्र के गांवों का नियोजित ढंग से विकसित कर उन्हें मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की है। सीएम ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना एवं सौभाग्य योजना के तहत घेस में विद्युतीकरण (4 लाख), जल निगम की सरमाता घेरू घन्ना पेयजल योजना (74.86 लाख), आयुर्वेदिक चिकित्सालय घेस (49.30), कृषि विपणन केंद्र घेस (20 लाख) तथा जड़ी बूटी ड्राइंग शेड (2.25 लाख) की विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।
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कार्यक्रम में विधायक मुन्नी देवी शाह, ब्लाक प्रमुख देवाल उर्मिला बिष्ट, नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष दीपा भारती, प्रधान घेस नरेंद्र बिष्ट, अमेरिकी वैज्ञानिक प्रशांति दिजागर, वैज्ञानिक विजय कांत पुरोहित, डा. अनिल कुमार, अर्जुन सिंह बिष्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष जशोदा देवी व नंदी देवी, डीएम स्वाति एस भदौरिया, एसपी तृप्ति भट्ट, सीडीओ हंसादत्त पांडे आदि मौजूद थे।
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घेस और हिमनी में होती जड़ी बूटी की खेती
दूनागिरि फाउंडेशन संस्था के विवेक दीवान ने बताया कि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड ने औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों के लिए ‘ई-चरक’ वेबसाइट तैयार की है, जिसमें किसान अपने फसल के बारे में पूरी जानकारी अपलोड करेगा और इसी वेबसाइट के माध्यम से किसान को अपना खरीददार भी मिल जाएगा। उत्तरांचल यूथ एंड रूरल डेवलपमेंट सेंटर के डा. हरपाल नेगी ने बताया कि घेस में कुटकी के उत्पादन व विपणन के लिए कामगार स्वायत्त सहकारिता समिति बनाई गई है।