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सीता के विदाई से लेकर भूसमाधि स्थल होंगे विकसित
Updated Fri, 23 Nov 2018 10:08 PM IST
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श्रीनगर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विकासखंड कोट में रामायण युग से जुड़े तीन गांवों का धार्मिक सर्किट तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के जिलाधिकारियों के साथ माता सीता के विदाई स्थल विदाकोटी से उनके भूसमाधि स्थल पलस्वाड़ी गांव तक करीब 14 किमी की ट्रेकिंग की जाएगी। साथ ही अगले वर्ष से पलस्वाड़ी गांव में 18 नवंबर को लगने वाले मेले को भव्य बनाया जाएगा। सीएम ने बताया कि जब वे आज केंद्रीय सचिव परमेश्वरन अय्यर के साथ यहां आ रहे थे, तो इन स्थानों के विकास का निर्णय लिया। तय किया गया कि जिन स्थान से सीता विदा हुई और जहां उन्होंने समाधि ली, वहां तक पदयात्रा की जाए। जल्दी राज्य के 13 जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ यह यात्रा की जाएगी। इस रूट पर भव्य स्मारक स्थल का भी निर्माण होगा।
मान्यता है कि जब मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने माता सीता को त्याग दिया था, तो देवप्रयाग के समीप विदाकोटी गांव तक लक्ष्मण सीता को छोड़ने आए थे। यहां से आगे सीता माता सीताकोटी गांव गई। जबकि पलस्वाड़ी गांव में माता सीता ने भूसमाधि ली थी। वर्तमान में यह स्थान उपेक्षित पड़े हुए हैं।
मान्यता है कि जब मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने माता सीता को त्याग दिया था, तो देवप्रयाग के समीप विदाकोटी गांव तक लक्ष्मण सीता को छोड़ने आए थे। यहां से आगे सीता माता सीताकोटी गांव गई। जबकि पलस्वाड़ी गांव में माता सीता ने भूसमाधि ली थी। वर्तमान में यह स्थान उपेक्षित पड़े हुए हैं।
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