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संतान प्राप्ति के लिए 174 निसंतान दंपतियों ने किया खड़ा दिया अनुष्ठान
Updated Wed, 21 Nov 2018 10:47 PM IST
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श्रीनगर। संतान प्राप्ति के लिए ऐतिहासिक व पौराणिक कमलेश्वर महादेव मंदिर में 174 निसंतान दंपतियों ने रातभर खड़ा दीया अनुष्ठान किया। अनुष्ठान शाम गोधूलि बेला से शुरू हुआ। मंदिर के महंत ने निसंतान दंपतियों को श्रीफल देकर अनुष्ठान का शुभारंभ कराया। दूसरी ओर श्रद्धालुओं ने यहां वर्षभर के लिए 365 बत्तियां जलाकर सुख समृद्धि की कामना की।
बुधवार को कमलेश्वर मंदिर में मुरादाबाद, चंडीगढ़, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, फरीदाबाद, देहरादून, दिल्ली सहित देश के विभिन्न शहरों से 174 निसंतान दंपति अनुष्ठान के लिए पहुंचे। हालांकि 238 निसंतान दंपतियों ने खड़ा दिया अनुष्ठान के लिए पंजीकरण कराया था। शाम 6 बजे कमलेश्वर मंदिर के महंत आशुतोष पुरी ने अनुष्ठान का शुभारंभ कराया। 174 दंपतियों ने रातभर खड़े होकर जलते दिए को हाथ में ले भगवान शिव की आराधना की। बृहस्पतिवार तड़के अलकनंदा में दीपदान कर स्नान के बाद महंत दंपतियों को आशीर्वाद देकर पूजा संपन्न करेंगे। दूसरी ओर परिवार की सुख समृद्धि की कामना के लिए शहर व आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में कमलेश्वर मंदिर में पहुंचे। श्रद्धालु यहां पूरे वर्ष भर के लिए 365 बत्तियां जलाकर सुख शांति की कामना करते हैं।
क्या है मान्यता
श्रीनगर। मंदिर के मंहत आशुतोष पुरी बताते हैं कि देव असुर संग्राम के दौरान भगवान विष्णु ने यहां भगवान शिव की तपस्या की थी। शिव ने प्रसन्न होकर उन्हें सुदर्शन चक्र दिया। इस पूजा को देख रहे निसंतान दंपति ने शिव से संतान का वरदान मांगा। माता पार्वती के अनुरोध पर भगवान शिव ने उन्हें संतान प्राप्ति का वरदान दे दिया। तब से मान्यता है कि जो भी चतुर्दशी पर्व के दौरान कमलेश्वर मंदिर में शिव को प्रसन्न करने के लिए खड़ा दिया अनुष्ठान करता है उसे संतान प्राप्ति होती है। ।
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एमएसडब्ल्यू व आरएसएस कार्यकर्ताओं ने किया सहयोग
श्रीनगर। मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में गढ़वाल विवि के समाजकार्य एवं समाजशास्त्र विभाग के छात्रों व आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। छात्र व आरएसएस के कार्यकर्ता मंदिर परिसर व उसके बाहर तैनात रहे।
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जारी- राजीव
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बुधवार को कमलेश्वर मंदिर में मुरादाबाद, चंडीगढ़, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, फरीदाबाद, देहरादून, दिल्ली सहित देश के विभिन्न शहरों से 174 निसंतान दंपति अनुष्ठान के लिए पहुंचे। हालांकि 238 निसंतान दंपतियों ने खड़ा दिया अनुष्ठान के लिए पंजीकरण कराया था। शाम 6 बजे कमलेश्वर मंदिर के महंत आशुतोष पुरी ने अनुष्ठान का शुभारंभ कराया। 174 दंपतियों ने रातभर खड़े होकर जलते दिए को हाथ में ले भगवान शिव की आराधना की। बृहस्पतिवार तड़के अलकनंदा में दीपदान कर स्नान के बाद महंत दंपतियों को आशीर्वाद देकर पूजा संपन्न करेंगे। दूसरी ओर परिवार की सुख समृद्धि की कामना के लिए शहर व आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में कमलेश्वर मंदिर में पहुंचे। श्रद्धालु यहां पूरे वर्ष भर के लिए 365 बत्तियां जलाकर सुख शांति की कामना करते हैं।
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क्या है मान्यता
श्रीनगर। मंदिर के मंहत आशुतोष पुरी बताते हैं कि देव असुर संग्राम के दौरान भगवान विष्णु ने यहां भगवान शिव की तपस्या की थी। शिव ने प्रसन्न होकर उन्हें सुदर्शन चक्र दिया। इस पूजा को देख रहे निसंतान दंपति ने शिव से संतान का वरदान मांगा। माता पार्वती के अनुरोध पर भगवान शिव ने उन्हें संतान प्राप्ति का वरदान दे दिया। तब से मान्यता है कि जो भी चतुर्दशी पर्व के दौरान कमलेश्वर मंदिर में शिव को प्रसन्न करने के लिए खड़ा दिया अनुष्ठान करता है उसे संतान प्राप्ति होती है। ।
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एमएसडब्ल्यू व आरएसएस कार्यकर्ताओं ने किया सहयोग
श्रीनगर। मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में गढ़वाल विवि के समाजकार्य एवं समाजशास्त्र विभाग के छात्रों व आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। छात्र व आरएसएस के कार्यकर्ता मंदिर परिसर व उसके बाहर तैनात रहे।
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जारी- राजीव