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संयमित जीवन और उचित पोषण से रहे स्वस्थ
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:11 PM IST
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श्रीनगर। विश्व मधुमेह दिवस के मौके पर एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि के योग विभाग की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर विशेषज्ञों ने संयमित जीवन जीने का आह्वान किया। ताकि निरोगी जीवन रहे।
बुधवार को योग विभाग में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एससी बागड़ी ने किया। कार्यशाला में योग विभाग के संकाय सदस्यों और मधुमेह मुक्त समाज की स्थापना पर चर्चा की गई। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की फार्माकोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डा. गीतांजली कोठियाल ने मधुमेह के कारणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अनियमित दिनचर्या से आदमी इस बीमारी से पीड़ित हो जाता है। विवि के फार्मास्यूटिकल साइंस विभाग के डा. विजय ज्योति ने मधुमेह नियंत्रण में पोषण की महत्ता की भूमिका पर प्रकाश डाला। आयुर्वेदिक चिकित्सक डा. राहुल कुमार ने आयुर्वेद में मधुमेह के उपचार के बारे में बताया। योग विभागाध्यक्ष डा. घनश्याम ठाकुर ने बताया कि योग मेें मधुमेह से छुटकारा दिलाने की क्षमता है। योगासन और प्रणायाम मधुमेह के रोगियों सहित उन लोगों के लिए भी उपयोगी हैं, जो स्वस्थ हैं। कार्यक्रम का संचालन डा. चिंताहरण बेताल ने किया। इस अवसर पर डा. विनोद नौटियाल, डा. रजनी नौटियाल, शोध छात्र विनीत पोस्ती, मुकेश काला व आशा आदि उपस्थित थे।
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बुधवार को योग विभाग में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एससी बागड़ी ने किया। कार्यशाला में योग विभाग के संकाय सदस्यों और मधुमेह मुक्त समाज की स्थापना पर चर्चा की गई। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की फार्माकोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डा. गीतांजली कोठियाल ने मधुमेह के कारणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अनियमित दिनचर्या से आदमी इस बीमारी से पीड़ित हो जाता है। विवि के फार्मास्यूटिकल साइंस विभाग के डा. विजय ज्योति ने मधुमेह नियंत्रण में पोषण की महत्ता की भूमिका पर प्रकाश डाला। आयुर्वेदिक चिकित्सक डा. राहुल कुमार ने आयुर्वेद में मधुमेह के उपचार के बारे में बताया। योग विभागाध्यक्ष डा. घनश्याम ठाकुर ने बताया कि योग मेें मधुमेह से छुटकारा दिलाने की क्षमता है। योगासन और प्रणायाम मधुमेह के रोगियों सहित उन लोगों के लिए भी उपयोगी हैं, जो स्वस्थ हैं। कार्यक्रम का संचालन डा. चिंताहरण बेताल ने किया। इस अवसर पर डा. विनोद नौटियाल, डा. रजनी नौटियाल, शोध छात्र विनीत पोस्ती, मुकेश काला व आशा आदि उपस्थित थे।
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