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शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में नैतिक व सांस्कृति मूल्यों की कमी
Updated Sun, 11 Nov 2018 09:40 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के स्कूल ऑफ एजूकेशन व डीएसडब्ल्यू बोर्ड की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में नैतिक व सांस्कृतिक मूल्यों की कमी हो गई है। गोष्ठी के दौरान छात्रों ने कविता पाठ भी किया।
रविवार को गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में मौलना अबुल कलाम आजाद (देश के प्रथम शिक्षा मंत्री) की जयंती पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल ऑफ एजूकेशन में आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रो. आरपी गैरोला ने कविता के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में भारत की देन का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने दशमलव, शून्य आदि की खोज को भारत की ओर से विश्व को दिया गया अद्भुत उपहार बताया। वहीं प्रो. मोनिका गुप्ता ने कहा कि विवि अनुदान आयोग, आईआईटी जैसी संस्थाएं अबुल कलाम की ही देन हैं। अबुल कलाम ने संगीत नाटक अकादमी, साहित्य अकादमी व ललित कला अकादमी की स्थापना भी की। प्रो. रमा मैखुरी ने कहा कि शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में नैतिक व सांस्कृतिक मूल्यों की कमी हो गई है। कार्यक्रम आयोजक डा. अनिल कुमार व डीएसडब्ल्यू बोर्ड के प्रो. एससी भट्ट ने सभी का धन्यवाद अदा किया। इस अवसर पर बबीता असवाल, वंदना, मोनिका, आकांक्षा, मनीष, मनोज, सोनाली आदि ने कविता पाठ व देश भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां भी दी।
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रविवार को गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में मौलना अबुल कलाम आजाद (देश के प्रथम शिक्षा मंत्री) की जयंती पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल ऑफ एजूकेशन में आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रो. आरपी गैरोला ने कविता के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में भारत की देन का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने दशमलव, शून्य आदि की खोज को भारत की ओर से विश्व को दिया गया अद्भुत उपहार बताया। वहीं प्रो. मोनिका गुप्ता ने कहा कि विवि अनुदान आयोग, आईआईटी जैसी संस्थाएं अबुल कलाम की ही देन हैं। अबुल कलाम ने संगीत नाटक अकादमी, साहित्य अकादमी व ललित कला अकादमी की स्थापना भी की। प्रो. रमा मैखुरी ने कहा कि शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में नैतिक व सांस्कृतिक मूल्यों की कमी हो गई है। कार्यक्रम आयोजक डा. अनिल कुमार व डीएसडब्ल्यू बोर्ड के प्रो. एससी भट्ट ने सभी का धन्यवाद अदा किया। इस अवसर पर बबीता असवाल, वंदना, मोनिका, आकांक्षा, मनीष, मनोज, सोनाली आदि ने कविता पाठ व देश भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां भी दी।
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