फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   मंजू घोष मेले में चढे 39 निशान, मेले का समापन

मंजू घोष मेले में चढे 39 निशान, मेले का समापन

Fri, 09 Nov 2018 10:01 PM IST
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:01 PM IST
विज्ञापन
मंजू घोष मेले में चढे 39 निशान, मेले का समापन
श्रीनगर। विकासखंड कोट के कांडा स्थित मंजू घोषेश्वर मंदिर में आयोजित मंजूघोष मेले में 39 निशाण (देव प्रतीक) चढे़। मनोकामना पूर्ण होने के बाद दूर-दराज से यहां निशाण चढ़ाने पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। मेेले के अंतिम दिन बड़ा कांडा के दौरान 19 निशाण चढे़। जबकि पहले दिन छोटा कांडा के दौरान 20 निशाण चढे़ थे। इसी के साथ अब एक माह के लिए मंजूघोषेश्वर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए है।
विज्ञापन

कांडा में आयोजित हो रहे दो दिवसीय मंजूघोष मेले का समापन हो गया। शुक्रवार को बड़ा कांडा के दौरान सबसे पहले उज्याड़ी गांव व अंत में बारें गांव के ग्रामीणों ने निशाण चढ़ाया। मेले में दिन भर ग्रामीण ढोल दमाऊं के साथ निशाण लेकर मंदिर में पहुंचते रहे। मेले का अंतिम दिन होने के कारण यहां श्रद्धालुओं व मेलार्थियों का तांता लगा रहा, जिससे पुलिस को व्यवस्था बनाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। कोतवाल एनएस बिष्ट व श्रीकोट चौकी प्रभारी महेश रावत मय फोर्स पूरे मेले के दौरान यहां मौजूद रहे। मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद भट्ट ने कहा कि मेला समापन के बाद एक माह के लिए मंजूघोषेश्वर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। एक माह बाद कांडा गांव में स्थित मंदिर में मां भगवती की डोली विराजमान होगी। इसी के साथ स्टॉप टीयर्स संस्था मेला स्थल की सफाई करेगी। संस्था के प्रमोद बमराड़ा ने कहा कि मेला स्थल पर काफी गंदगी हो गई है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान उनके प्रतिनिधियों ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया। अब वह मेला स्थल पर सफाई अभियान चलाएंगे।
विज्ञापन


एक माह तक मंदिर में ही रहेगी मां भगवती
श्रीनगर। छोटा कांडा के दिन कांडा गांव से मां भगवती मंजूघोषेश्वर में पहुंचती है। मां भगवती की डोली से पहले ग्रामीण मंदिर में पैता (प्रसाद) लेकर पहुंचते हैं। मंजू घोषेश्वर मंदिर को भगवती का मायका बताया गया है। मंदिर के पुजारी द्वारिका प्रसाद भट्ट ने बताया कि मां भगवती एक माह तक महादेव के साथ मंदिर में एकांतवास में रहेंगी। इस दौरान मंदिर में कोई पूजा अर्चना भी नहीं की जाएगी। एक माह बाद मां भगवती की डोली फिर वापस कांडा गांव स्थित मंदिर में जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed