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हाईवे के निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों को राहत
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:02 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। हरिद्वार-देहरादून हाईवे का काम दोबारा शुरू होने से मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 2012 से निर्माणाधीन इस हाईवे का काम लटकने से डोईवाला से देहरादून के बीच कई लोग अपनी कीमती जान गंवा चुके हैं। अब नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने परियोजना को पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया तकरीबन पूरी कर ली है, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। अधर में लटके हाईवे का निर्माण कार्य 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
डोईवाला से देहरादून तक कई जगह पुलों का काम अधूरा पड़ा हुआ है जबकि कई जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त है। विधानसभा क्षेत्र में पड़ने के कारण मुख्यमंत्री का इस हाईवे की तरफ काफी फोकस है। लालतप्पड़ से मणिमाई मंदिर लच्छीवाला से होकर जा रहे नेशनल हाइवे का लोगों को लंबे समय से इंतजार था। लालतप्पड़ से लेकर लच्छीवाला जंगल तक कई स्थानों पर अधूरे हाइवे के तेज मोड़ दुघर्टनाओं का कारण बने। लालतप्पड़ माजरी ग्रांट, नुन्नावाला सतनाम ढाबे के पास अधूरी पुलिया, लच्छीवाला जंगल में तेज मोड़ ने आवाजाही करने वालों को भयग्रस्त रखा है। अधूरे निर्माण से दूर दराज से आने वाले पर्यटक सर्वाधिक प्रभावित हुए।
रात में उनके वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। राजनीतिक दलों से लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्या उठाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। कई स्थानों पर हाईवे क्षतिग्रस्त रहा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्वाचन क्षेत्र में करीब 25 किमी से अधिक लंबा हाईवे आता है। अधूरे हाईवे से कई बार जाम जैसी स्थिति से रूबरू होना पड़ा है। इतना जरूर रहा कि विभागीय अधिकारी बजट का रोना रोने से लेकर पेचवर्क कराने का आश्वासन देते रहे हैं।
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डोईवाला से देहरादून तक कई जगह पुलों का काम अधूरा पड़ा हुआ है जबकि कई जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त है। विधानसभा क्षेत्र में पड़ने के कारण मुख्यमंत्री का इस हाईवे की तरफ काफी फोकस है। लालतप्पड़ से मणिमाई मंदिर लच्छीवाला से होकर जा रहे नेशनल हाइवे का लोगों को लंबे समय से इंतजार था। लालतप्पड़ से लेकर लच्छीवाला जंगल तक कई स्थानों पर अधूरे हाइवे के तेज मोड़ दुघर्टनाओं का कारण बने। लालतप्पड़ माजरी ग्रांट, नुन्नावाला सतनाम ढाबे के पास अधूरी पुलिया, लच्छीवाला जंगल में तेज मोड़ ने आवाजाही करने वालों को भयग्रस्त रखा है। अधूरे निर्माण से दूर दराज से आने वाले पर्यटक सर्वाधिक प्रभावित हुए।
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रात में उनके वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। राजनीतिक दलों से लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्या उठाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। कई स्थानों पर हाईवे क्षतिग्रस्त रहा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्वाचन क्षेत्र में करीब 25 किमी से अधिक लंबा हाईवे आता है। अधूरे हाईवे से कई बार जाम जैसी स्थिति से रूबरू होना पड़ा है। इतना जरूर रहा कि विभागीय अधिकारी बजट का रोना रोने से लेकर पेचवर्क कराने का आश्वासन देते रहे हैं।
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