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आर्थिक तंगी की मार केवल आउटसोर्स कर्मियों पर
Updated Sat, 03 Nov 2018 10:20 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि में आर्थिक तंगी की मार केवल आउटसोर्स कर्मचारियों पर पड़ी है। आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए विवि प्रशासन ने 90 आउटसोर्स कर्मचारियों को दीपावली से पहले बाहर कर दिया है, लेकिन फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्रयास शुरू नहीं किए जा रहे हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा गढ़वाल विवि फिजूल खर्ची पर नियंत्रण नहीं लगा पा रहा है। विवि के बिड़ला व चौरास परिसर सहित प्रशासनिक भवन में 170 से अधिक एसी लगे हैं। एक वर्ष का बिजली का बिल एक करोड़ से अधिक का है। सबसे अधिक बिजली की खपत विवि के चौरास परिसर में होती है। यहां एक माह के बिजली काबिल करीब पांच लाख है। इसके अलावा विवि प्रशासन वसूली करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। बिड़ला व चौरास परिसर सहित प्रशासनिक भवन में चार कैंटीन हैं। इन कैंटीन संचालकों पर करीब 16 लाख का किराया बकाया है। कैंटीन संचालक नोटिस देने के बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं। डीएसडब्ल्यू ने कैंटीन संचालकों पर विधिक कार्रवाई किए जाने के लिए कुलसचिव को लिखा था, लेकिन कुलसचिव ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वित्त अधिकारी प्रो. एनएस पंवार का कहना है कि आर्थिक तंगी से निपटने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। जल्द ही फिजूलखर्ची पर भी नियंत्रण कर लिया जाएगा। नए एसी खरीद के लिए प्रस्ताव आया था, जिसे रोक दिया गया है।
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आर्थिक तंगी से जूझ रहा गढ़वाल विवि फिजूल खर्ची पर नियंत्रण नहीं लगा पा रहा है। विवि के बिड़ला व चौरास परिसर सहित प्रशासनिक भवन में 170 से अधिक एसी लगे हैं। एक वर्ष का बिजली का बिल एक करोड़ से अधिक का है। सबसे अधिक बिजली की खपत विवि के चौरास परिसर में होती है। यहां एक माह के बिजली काबिल करीब पांच लाख है। इसके अलावा विवि प्रशासन वसूली करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। बिड़ला व चौरास परिसर सहित प्रशासनिक भवन में चार कैंटीन हैं। इन कैंटीन संचालकों पर करीब 16 लाख का किराया बकाया है। कैंटीन संचालक नोटिस देने के बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं। डीएसडब्ल्यू ने कैंटीन संचालकों पर विधिक कार्रवाई किए जाने के लिए कुलसचिव को लिखा था, लेकिन कुलसचिव ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वित्त अधिकारी प्रो. एनएस पंवार का कहना है कि आर्थिक तंगी से निपटने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। जल्द ही फिजूलखर्ची पर भी नियंत्रण कर लिया जाएगा। नए एसी खरीद के लिए प्रस्ताव आया था, जिसे रोक दिया गया है।
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