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गढ़वाल विवि प्रशासन ने हटाए 90 आउटसोर्स कर्मचारी
Updated Fri, 02 Nov 2018 10:37 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि प्रशासन ने करीब 90 आउटसोर्स कर्मचारियों को विश्वविद्यालय से बाहर करने के निर्णय पर अंतिम मुहर लगा दी है। विभिन्न छात्र एवं कर्मचारी संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सभी कर्मियों की तत्काल बहाली की मांग की है।
गढ़वाल विवि प्रशासन ने एक नवंबर से आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज कराए जाने पर रोक लगा दी थी। विवि प्रशासन विभिन्न विभागों में अनावश्यक रूप से भर्ती आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी करने पर विचार कर रहा था, जिसके तहत विवि प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को बिना प्रशासन की स्वीकृति के आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा विस्तार न करने के निर्देश दिए थे। आउटसोर्स कर्मचारी एक नंवबर से अपनी सेवा विस्तार को लेकर असमंजस में थे। शुक्रवार को विवि के प्रशासनिक भवन में चली विवि प्रशासन की मैराथन बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवा विस्तार पर अंतिम निर्णय ले लिया।
कुलसचिव डा. एके झा ने बताया कि करीब 85 से 90 कर्मचारियों को हटाए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन के निर्णय से सभी विभागाध्यक्षों को अवगत करा दिया जाएगा। यहां बता दें कि गढ़वाल विवि के तीनों परिसरों सहित प्रशासनिक भवन में करीब 400 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी तैनात थे। विवि प्रशासन आर्थिक तंगी के चलते कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थता जता रहा था।
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झेलना पड़ सकता है छात्रों का विरोध
श्रीनगर। आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने पर आइसा व डीएसओ छात्र संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। डीएसओ छात्र संगठन का कहना था कि विवि में कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। ऐसे में यदि आउटसोर्स कर्मचारी हटाए गए तो छात्र हित संबंधी कार्यों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। वहीं छात्रसंघ सचिव रामप्रकाश रैम्स ने भी आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने का विरोध किया था।
विवि की हुई किरकिरी
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के निर्णय से नौकरी से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों की दीवाली फीकी पड़ गई। आउटसोर्स कर्मचारी पूर्व में ही विवि के इस निर्णय को मानवता के खिलाफ बता चुके हैं। अब विवि के इस निर्णय को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उचित नहीं ठहराया है। दीपावली त्योहार के दौरान कर्मचारियों को हटाए जाने से विवि प्रशासन की किरकिरी हुई है।
पौड़ी परिसर में 25 आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं समाप्त
पौड़ी। केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से पिछले दस वर्षों से कार्यरत 25 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। परिसर के निदेशक केसी पुरोहित ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। उधर, कर्मचारियों का कहना है कि विवि की ओर से की गई इस तरह की कार्रवाई गलत है। उन्हें जल्द बहाल किया जाए।
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वर्षों से कार्यरत कर्मियों को नियमित किए जाने के बजाय उनकी सेवाएं समाप्त किया जाना गलत है। त्योहार के मौके पर जहां तमाम संस्थान अपने कर्मियों को तोहफे देते हैं, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे मौके पर कर्मचारियों को नौकरी से हटाकर उनकी खुशियां छीनने का काम किया है। सभी कर्मचारियों को तत्काल बहाल किया जाए।
-भाष्कर बहुगुणा, जिला प्रवक्ता उक्रांद
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गढ़वाल विवि प्रशासन ने एक नवंबर से आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज कराए जाने पर रोक लगा दी थी। विवि प्रशासन विभिन्न विभागों में अनावश्यक रूप से भर्ती आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी करने पर विचार कर रहा था, जिसके तहत विवि प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को बिना प्रशासन की स्वीकृति के आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा विस्तार न करने के निर्देश दिए थे। आउटसोर्स कर्मचारी एक नंवबर से अपनी सेवा विस्तार को लेकर असमंजस में थे। शुक्रवार को विवि के प्रशासनिक भवन में चली विवि प्रशासन की मैराथन बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवा विस्तार पर अंतिम निर्णय ले लिया।
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कुलसचिव डा. एके झा ने बताया कि करीब 85 से 90 कर्मचारियों को हटाए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन के निर्णय से सभी विभागाध्यक्षों को अवगत करा दिया जाएगा। यहां बता दें कि गढ़वाल विवि के तीनों परिसरों सहित प्रशासनिक भवन में करीब 400 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी तैनात थे। विवि प्रशासन आर्थिक तंगी के चलते कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थता जता रहा था।
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झेलना पड़ सकता है छात्रों का विरोध
श्रीनगर। आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने पर आइसा व डीएसओ छात्र संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। डीएसओ छात्र संगठन का कहना था कि विवि में कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। ऐसे में यदि आउटसोर्स कर्मचारी हटाए गए तो छात्र हित संबंधी कार्यों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। वहीं छात्रसंघ सचिव रामप्रकाश रैम्स ने भी आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने का विरोध किया था।
विवि की हुई किरकिरी
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के निर्णय से नौकरी से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों की दीवाली फीकी पड़ गई। आउटसोर्स कर्मचारी पूर्व में ही विवि के इस निर्णय को मानवता के खिलाफ बता चुके हैं। अब विवि के इस निर्णय को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उचित नहीं ठहराया है। दीपावली त्योहार के दौरान कर्मचारियों को हटाए जाने से विवि प्रशासन की किरकिरी हुई है।
पौड़ी परिसर में 25 आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं समाप्त
पौड़ी। केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से पिछले दस वर्षों से कार्यरत 25 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। परिसर के निदेशक केसी पुरोहित ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। उधर, कर्मचारियों का कहना है कि विवि की ओर से की गई इस तरह की कार्रवाई गलत है। उन्हें जल्द बहाल किया जाए।
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वर्षों से कार्यरत कर्मियों को नियमित किए जाने के बजाय उनकी सेवाएं समाप्त किया जाना गलत है। त्योहार के मौके पर जहां तमाम संस्थान अपने कर्मियों को तोहफे देते हैं, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे मौके पर कर्मचारियों को नौकरी से हटाकर उनकी खुशियां छीनने का काम किया है। सभी कर्मचारियों को तत्काल बहाल किया जाए।
-भाष्कर बहुगुणा, जिला प्रवक्ता उक्रांद