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कल्पगंगा पर बना पैदल पुल, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
Updated Sun, 28 Oct 2018 10:17 PM IST
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जोशीमठ। उर्गम घाटी में कल्पगंगा पर दो साल से निर्माणाधीन पैदल पुल बनकर तैयार होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। अब पंचम केदार कल्पेश्वर महादेव मंदिर तक जाने के लिए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही उर्गम घाटी के भर्की गांव के ग्रामीणों को भी आवाजाही में समस्या नहीं होगी।
वर्ष 2013 की आपदा के दौरान कल्पगंगा पर निर्मित पैदल पुल नदी में बाढ़ आने से बह गया था। तब वर्ष 2015 में कल्पगंगा पर पुल निर्माण के लिए शासन से छह करोड़ 90 लाख रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन आपदा से हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग तहस-नहस होने से पुल निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया। वर्ष 2016 के मार्च माह में 80 मीटर झूला पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो अब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। जोशीमठ प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी ने कहा कि पुल निर्माण होने से घाटी के ग्रामीणों के साथ ही डुमक और कलगोठ गांव के ग्रामीणों को भी आवाजाही में सहुलियत होगी। साथ ही पर्यटक और तीर्थयात्री कल्पेश्वर महादेव मंदिर में आसानी से पहुंच पाएंगे। इधर, वर्ल्ड बैंक के एई मनोज कुमार ने बताया कि अभी तक ग्रामीण नदी पर लकड़ी के पुल से आवाजाही कर रहे थे। अब यहां स्थायी पुल का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
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वर्ष 2013 की आपदा के दौरान कल्पगंगा पर निर्मित पैदल पुल नदी में बाढ़ आने से बह गया था। तब वर्ष 2015 में कल्पगंगा पर पुल निर्माण के लिए शासन से छह करोड़ 90 लाख रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन आपदा से हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग तहस-नहस होने से पुल निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया। वर्ष 2016 के मार्च माह में 80 मीटर झूला पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो अब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। जोशीमठ प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी ने कहा कि पुल निर्माण होने से घाटी के ग्रामीणों के साथ ही डुमक और कलगोठ गांव के ग्रामीणों को भी आवाजाही में सहुलियत होगी। साथ ही पर्यटक और तीर्थयात्री कल्पेश्वर महादेव मंदिर में आसानी से पहुंच पाएंगे। इधर, वर्ल्ड बैंक के एई मनोज कुमार ने बताया कि अभी तक ग्रामीण नदी पर लकड़ी के पुल से आवाजाही कर रहे थे। अब यहां स्थायी पुल का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
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