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पर्यटन पालिसी में सुधार की आवश्यकता
Updated Fri, 26 Oct 2018 09:32 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के भूगोल विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में 150 से अधिक शोध पत्र पढ़े गए। इस दौरान विशेषज्ञों ने उत्तराखंड में पलायन को गंभीर विषय बताया। कहा कि पलायन से उत्तराखंड का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पर्यटन पॉलिसी में सुधार की आवश्यकता बताई।
गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में भूगोल विभाग की ओर से भारतीय हिमालय, पर्यावरण संसाधन एवं विकास विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी के दूसरे दिन शुक्रवार को विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इस दौरान शोध पत्र भी पढ़े गए। काशी हिंदू विवि के प्रो. एसबी सिंह ने कहा कि पलायन शहरी क्षेत्रों के विकास की धुरी है। मानव को अपने विकास के पथ का चयन एवं निर्धारण स्वयं करना होगा। हालांकि उन्होंने पलायन को उत्तराखंड में गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि पलायन से उत्तराखंड का विकास प्रभावित हो रहा है। गढ़वाल विवि के प्रो. एनपी टोडरिया ने कहा कि पर्यटन पॉलिसी में सुधार की आवश्यकता है। हम पर्यटन के क्षेत्र में बेहतर सुविधाजनक ढांचा नहीं दे पा रहे हैं, जिससे बेहतर पर्यटन स्थल होने के बावजूद अपेक्षाकृत पर्यटक नहीं आ पा रहे हैं। सेमिनार में प्रो. एमएसएस रावत, डा. बीपी नैथानी, डा. राजेश भट्ट व शोध छात्रा अपेक्षा आदि ने सहयोग किया।
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गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में भूगोल विभाग की ओर से भारतीय हिमालय, पर्यावरण संसाधन एवं विकास विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी के दूसरे दिन शुक्रवार को विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इस दौरान शोध पत्र भी पढ़े गए। काशी हिंदू विवि के प्रो. एसबी सिंह ने कहा कि पलायन शहरी क्षेत्रों के विकास की धुरी है। मानव को अपने विकास के पथ का चयन एवं निर्धारण स्वयं करना होगा। हालांकि उन्होंने पलायन को उत्तराखंड में गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि पलायन से उत्तराखंड का विकास प्रभावित हो रहा है। गढ़वाल विवि के प्रो. एनपी टोडरिया ने कहा कि पर्यटन पॉलिसी में सुधार की आवश्यकता है। हम पर्यटन के क्षेत्र में बेहतर सुविधाजनक ढांचा नहीं दे पा रहे हैं, जिससे बेहतर पर्यटन स्थल होने के बावजूद अपेक्षाकृत पर्यटक नहीं आ पा रहे हैं। सेमिनार में प्रो. एमएसएस रावत, डा. बीपी नैथानी, डा. राजेश भट्ट व शोध छात्रा अपेक्षा आदि ने सहयोग किया।
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