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हमारी पहली प्राथमिकता हिमालय संरक्षण की होनी चाहिए: मुख्यमंत्री
Updated Thu, 25 Oct 2018 10:01 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में भूगोल विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि हिमालय की जरूरत हमें है, हिमालय को हमारी जरूरत नहीं। हमारी पहली प्राथमिकता हिमालय का संरक्षण होनी चाहिए। प्रकृति कर शोषण किए बिना प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जाना चाहिए।
गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर स्थित एसीएल हॉल में राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। विवि का भूगोल विभाग भारतीय हिमालय में पर्यावरण, संसाधन एवं विकास विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी आयोजित कर रहा है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण के क्षेत्र में हो रहे वैज्ञानिक कार्य जन-जन तक कैसे पहुंचे, इस पर कार्य होना चाहिए। रावत ने कहा कि भारत की संस्कृति को हिमालयी संस्कृति कहा जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान क्या हो सकता है हमें इस ओर ध्यान देना होगा। विशिष्ठ अतिथि देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें किताबों से बाहर आना होगा। जीबी पंत के निदेशक डा. आरएस रावल ने कहा कि हिमालय जलवायु को नियंत्रित करता है। संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने की। इस मौके पर पौड़ी परिसर के निदेशक प्रो. केसी पुरोहित, श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत, गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एमएसएम रावत, डा. बीपी नैथानी आदि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने बताया चीड़ को महत्वपूर्ण पेड़
संगोष्ठी में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने चीड़ को महत्वपूर्ण पेड़ बताया। उन्होंने कहा कि कई लोग चीड़ को जंगलों से हटाने की बात कह रहे हैं, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण पौधा है। इससे करीब 145 उत्पादों का निर्माण होता है, जो सभी इको फ्रेंडली हैं। अभी हम मात्र चार ही उत्पाद बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया उन्होंने बागेश्वर में उद्योग लगाया है, जहां हम 11 उत्पाद तैयार करेंगे।
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घोषणा करने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं
बिड़ला परिसर में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि मैं घोषणा करने वाला मुख्यमंत्री नही, बल्कि काम करने वाला हूं। इसलिए मुझसे घोषणा मत करवाना।
मुख्यमंत्री से की कुलसचिव की शिकायत
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के छात्रों के बाद अब शिक्षणेतर कर्मचारी परिषद ने भी कुलसचिव के मुख्यालय से बाहर रहने पर कड़ा आक्रोश जताया है। अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा राज्यमंत्री को ज्ञापन सौंप शिकायत की है। भंडारी ने आरोप लगाया कि कुलसचिव ने बिना टेंडर के ही लाखों के कार्य कराए हैं, जिनका भुगतान भी नियम विरुद्ध किया गया है। वहीं कुलसचिव डा. एके झा ने कहा कि वह मुख्यालय से बाहर कुलपति की अनुमति से जाते हैं। साथ उन्होंने कहा कि कर्मचारी को यह पूछने का अधिकार नहीं है। उक्त कर्मचारी को बर्खास्त किया जा सकता है।
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गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर स्थित एसीएल हॉल में राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। विवि का भूगोल विभाग भारतीय हिमालय में पर्यावरण, संसाधन एवं विकास विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी आयोजित कर रहा है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण के क्षेत्र में हो रहे वैज्ञानिक कार्य जन-जन तक कैसे पहुंचे, इस पर कार्य होना चाहिए। रावत ने कहा कि भारत की संस्कृति को हिमालयी संस्कृति कहा जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान क्या हो सकता है हमें इस ओर ध्यान देना होगा। विशिष्ठ अतिथि देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें किताबों से बाहर आना होगा। जीबी पंत के निदेशक डा. आरएस रावल ने कहा कि हिमालय जलवायु को नियंत्रित करता है। संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने की। इस मौके पर पौड़ी परिसर के निदेशक प्रो. केसी पुरोहित, श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत, गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एमएसएम रावत, डा. बीपी नैथानी आदि मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री ने बताया चीड़ को महत्वपूर्ण पेड़
संगोष्ठी में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने चीड़ को महत्वपूर्ण पेड़ बताया। उन्होंने कहा कि कई लोग चीड़ को जंगलों से हटाने की बात कह रहे हैं, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण पौधा है। इससे करीब 145 उत्पादों का निर्माण होता है, जो सभी इको फ्रेंडली हैं। अभी हम मात्र चार ही उत्पाद बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया उन्होंने बागेश्वर में उद्योग लगाया है, जहां हम 11 उत्पाद तैयार करेंगे।
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घोषणा करने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं
बिड़ला परिसर में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि मैं घोषणा करने वाला मुख्यमंत्री नही, बल्कि काम करने वाला हूं। इसलिए मुझसे घोषणा मत करवाना।
मुख्यमंत्री से की कुलसचिव की शिकायत
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के छात्रों के बाद अब शिक्षणेतर कर्मचारी परिषद ने भी कुलसचिव के मुख्यालय से बाहर रहने पर कड़ा आक्रोश जताया है। अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा राज्यमंत्री को ज्ञापन सौंप शिकायत की है। भंडारी ने आरोप लगाया कि कुलसचिव ने बिना टेंडर के ही लाखों के कार्य कराए हैं, जिनका भुगतान भी नियम विरुद्ध किया गया है। वहीं कुलसचिव डा. एके झा ने कहा कि वह मुख्यालय से बाहर कुलपति की अनुमति से जाते हैं। साथ उन्होंने कहा कि कर्मचारी को यह पूछने का अधिकार नहीं है। उक्त कर्मचारी को बर्खास्त किया जा सकता है।