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भोजन माताओं को दीपावली बोनस की मांग
Updated Tue, 23 Oct 2018 02:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। भोजन माताओं की समस्याओं को लेकर संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी के नेतृत्व में डॉ. मुकुल कुमार सती (अपर राज्य परियोजना निदेशक) व पदमेंद्र बिष्ट संयुक्त निदेशक मिड डे मील उत्तराखंड से शिक्षा निदेशालय ननूरखेड में मिले। प्रदेश अध्यक्ष ऊषा ने मांग की कि भोजन माताओं को 2015-16 से प्रतिवर्ष मिल रहे दीपावली बोनस 1000 रुपये व वर्दी भत्ते के रूप में 1000 रुपये शीघ्र दिए जाने, विद्यालय में छात्र संख्या कम होने पर 14-15 वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्यरत भोजन माताओं को न हटाने और सभी भोजन माताओं को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना से जोड़ने की मांग की।
इसके अलावा भोजन माताओं का मानदेय 6000 रुपये किए जाने के साथ ही 60-65 वर्ष की भोजन माताओं को लाभान्वित कर सेवानिवृत्त किए जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में संगठन संरक्षक जगदीश गुप्ता, दीपा भटनागर, नीलू कश्यप, सुमित्रा डोभाल, अफसाना और रेखा धीमान उपस्थित रहे।
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विकासनगर। भोजन माताओं की समस्याओं को लेकर संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी के नेतृत्व में डॉ. मुकुल कुमार सती (अपर राज्य परियोजना निदेशक) व पदमेंद्र बिष्ट संयुक्त निदेशक मिड डे मील उत्तराखंड से शिक्षा निदेशालय ननूरखेड में मिले। प्रदेश अध्यक्ष ऊषा ने मांग की कि भोजन माताओं को 2015-16 से प्रतिवर्ष मिल रहे दीपावली बोनस 1000 रुपये व वर्दी भत्ते के रूप में 1000 रुपये शीघ्र दिए जाने, विद्यालय में छात्र संख्या कम होने पर 14-15 वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्यरत भोजन माताओं को न हटाने और सभी भोजन माताओं को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना से जोड़ने की मांग की।
इसके अलावा भोजन माताओं का मानदेय 6000 रुपये किए जाने के साथ ही 60-65 वर्ष की भोजन माताओं को लाभान्वित कर सेवानिवृत्त किए जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में संगठन संरक्षक जगदीश गुप्ता, दीपा भटनागर, नीलू कश्यप, सुमित्रा डोभाल, अफसाना और रेखा धीमान उपस्थित रहे।
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